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मनी हीस्ट के बाद किटकैट हीस्ट! ईस्टर से पहले 12 टन KitKat गायब - 4 लाख से ज्यादा चॉकलेट्स लेकर फरार हुए चोर

ईस्टर से पहले यूरोप में किटकैट चॉकलेट से भरा 12 टन का ट्रक रहस्यमयी तरीके से चोरी हो गया। इसमें करीब 4 लाख यूनिट्स थीं। नेस्ले ने पुष्टि की है और मामले की जांच जारी है। कंपनी ने बैच कोड के जरिए चोरी के माल को ट्रैक करने की व्यवस्था बताई है।

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आपने नेटफ्लिक्स की मशहूर वेब सीरीज 'मनी हीस्ट' के बारे में जरूर सुना होगा या देखा भी होगा जिसमें बड़ी प्लानिंग के साथ प्रोफेसर और उनकी टीम चोरी करती है। अब यूरोप में नेस्ले कंपनी की ग्लोबल चॉकलेट ब्रांड किटकैट (KitKat) की पूरी ट्रक चोरी होने की खबर आ रही है।

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ईस्टर से पहले चॉकलेट से भरा एक ट्रक रास्ते से रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया है। इस ट्रक में किटकैट की नई रेंज के करीब 4,13,793 यूनिट्स लदे थे, जिनका वजन लगभग 12 टन बताया जा रहा है। 26 मार्च को यह खेप मध्य इटली की एक फैक्ट्री से पोलैंड के डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए निकली थी, लेकिन अपनी मंजिल पर पहुंचने से पहले ही चोरी हो गई।

किटकैट की पैरेंट कंपनी नेस्ले (Nestlé) ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा है कि ट्रक और उसमें रखा माल दोनों का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिला है। नेस्ले के प्रवक्ता ने कंपनी के मशहूर विज्ञापन 'हैव अ ब्रेक' का जिक्र करते हुए चुटकी ली और कहा कि हमने हमेशा लोगों को किटकैट के साथ ब्रेक लेने के लिए प्रोत्साहित किया है, लेकिन लगता है कि चोरों ने इस संदेश को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले लिया और हमारे 12 टन से ज्यादा चॉकलेट के साथ ही 'ब्रेक' ले उड़े (फरार हो गए)।

क्या था ट्रक में खास?

गायब हुए इस माल में किटकैट की हालिया लॉन्च हुई फॉर्मूला वन (F1) थीम वाली चॉकलेट्स शामिल थीं। पिछले साल जब किटकैट F1 का आधिकारिक पार्टनर बना, तब इस खास रेंज को पेश किया गया था। इन चॉकलेट्स को रेसिंग कारों की शेप दी गई है, हालांकि इनका स्वाद वही पुराना वेफर और चॉकलेट वाला ही है। कंपनी ने बताया कि यह पूरी खेप यूरोपीय बाजारों में खपाई जानी थी, लेकिन अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है।

कार्गो चोरी की बढ़ती घटनाएं?

नेस्ले के सप्लाई चेन एक्सपर्ट इस घटना को एक बड़े आपराधिक ट्रेंड का हिस्सा मान रहे हैं। कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि हालांकि चोरों की पसंद लाजवाब है, लेकिन हकीकत यह है कि कार्गो चोरी (सप्लाई के दौरान माल की चोरी) बिजनेस जगत के लिए एक गंभीर और बढ़ती चुनौती बन गई है। अपराधी अब पहले से कहीं ज्यादा शातिर तरीके अपना रहे हैं। कंपनी ने इस मामले को सार्वजनिक इसलिए किया है ताकि अन्य कारोबारी भी इस बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक हो सकें।

बैच कोड से होगी चोरों की पहचान

नेस्ले ने स्पष्ट किया है कि चोरी हुई चॉकलेट्स ग्रे मार्केट या अनधिकृत दुकानों पर बेची जा सकती हैं। हालांकि, हर पैकेट पर प्रिंटेड 'बैच कोड' के जरिए इन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। ग्राहक, रिटेलर और होलसेलर इन कोड्स को स्कैन करके चेक कर सकते हैं कि कहीं वे चोरी का माल तो नहीं बेच या खरीद रहे। अगर कोड मैच होता है, तो सिस्टम सीधे कंपनी को रिपोर्ट करने का विकल्प देता है, जिसकी जानकारी बाद में स्थानीय पुलिस को दी जाएगी। कंपनी के सुरक्षा प्रमुख ने आश्वासन दिया है कि ग्राहकों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है और बाजार में किटकैट की सप्लाई पर इस चोरी का कोई असर नहीं पड़ेगा।

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