GCC की रेस में आया नया मोड़, बेंगलुरु के बाद अब किस शहर की होगी एंट्री?
भारत में GCC की अगली ग्रोथ रेस में अब नए शहर भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। मोहाली टैलेंट और क्वालिटी ऑफ लाइफ पर, उत्तर प्रदेश AI और इंफ्रास्ट्रक्चर पर, जबकि कर्नाटक अपने मजबूत GCC इकोसिस्टम और इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ने की रणनीति बना रहा है।

In Short
- मोहाली ने टैलेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर लाइफस्टाइल को बनाया GCC का आधार
- उत्तर प्रदेश लखनऊ को AI सिटी और GCC हब के रूप में विकसित करने पर दे रहा जोर
- कर्नाटक बेंगलुरु के साथ मैसूर और मंगलुरु को भी GCC नेटवर्क में जोड़ रहा है
भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC का विस्तार अब सिर्फ बेंगलुरु और हैदराबाद तक सीमित नहीं रह गया है। नए शहर भी इस ग्रोथ में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब उत्तर प्रदेश और कर्नाटक ने हाल ही में हुई टेक्नोलॉजी और GCC लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में अपनी रणनीति सामने रखी।
मोहाली का फोकस समय टैलेंट और बेहतर लाइफ पर
पंजाब ने मोहाली को GCC के लिए एक नए विकल्प के तौर पर पेश किया। पंजाब सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी गुरकिरत किरपाल सिंह ने कहा कि मोहाली की ताकत सिर्फ काम करने की जगह नहीं बल्कि बेहतर जीवनशैली भी है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ से एयरपोर्ट तक पहुंचने में भारी बारिश के बावजूद 25 से 30 मिनट लगे, जबकि बेंगलुरु पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से होटल तक जाने में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लगा।
सिंह के मुताबिक मोहाली में ट्राई सिटी क्षेत्र में करीब 1.25 लाख टेक प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं। यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई और पॉलिटेक्निक मौजूद हैं। प्लाक्षा यूनिवर्सिटी भी टेक्नोलॉजी टैलेंट इंस्टीट्यूशन के रूप में उभर रही है। पंजाब GCC के लिए फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट का 125 प्रतिशत तक सपोर्ट और प्रति सीट रोजगार सब्सिडी जैसे इंसेंटिव दे रहा है।
उत्तर प्रदेश की नजर GCC की दूसरी लहर पर
उत्तर प्रदेश GCC ग्रोथ की दूसरी लहर में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। इन्वेस्ट यूपी के अरविंद कुमार ने कहा कि किसी भी इंडस्ट्री के विकास के लिए कानून व्यवस्था जरूरी है और राज्य ने इस दिशा में काम किया है।
यूपी लखनऊ को AI सिटी और AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने पर ध्यान दे रहा है। राज्य ने करीब 25 संस्थानों की पहचान की है जहां नई टेक्नोलॉजी और डीप टेक कोर्स शामिल किए जाएंगे।
कर्नाटक ने बेंगलुरु से आगे बढ़ाया दायरा
कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि GCC मार्केट 60 बिलियन डॉलर से बढ़कर 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। कर्नाटक बेंगलुरु के अलावा मैसूर और मंगलुरु जैसे शहरों को भी GCC हब के तौर पर विकसित करने पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य का फोकस टैलेंट, इनोवेशन, डीप टेक और ग्लोबल कंपनियों के भरोसे को मजबूत करने पर है।
भारत में GCC की अगली रेस में मोहाली क्वालिटी ऑफ लाइफ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर, यूपी स्केल और AI पर, जबकि कर्नाटक अपने मजबूत इकोसिस्टम और इनोवेशन पर दांव लगा रहा है।

