दक्षिण भारत में बुलेट ट्रेन की बड़ी तैयारी, जानें किन तीन शहरों का बदलने वाला है सफर
हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई को जोड़ने वाले प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से दक्षिण भारत में रेल सफर काफी तेज हो सकता है। करीब 760 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं। प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग स्टेज में है और इसके रूट, फंडिंग तथा निर्माण से जुड़ी कई चीजें तय होनी बाकी हैं।

In Short
- प्रस्तावित हैदराबाद-अमरावती-चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की लंबाई करीब 760.09 किलोमीटर होगी।
- तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कुल 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
- करीब 12 घंटे का मौजूदा रेल सफर हाई-स्पीड ट्रेन से लगभग 2 घंटे 20 मिनट तक रह सकता है।
Hyderabad Amaravati Chennai Bullet Train: दक्षिण भारत में एक शहर से दूसरे शहर के बीच सफर को तेज बनाने के लिए हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई को जोड़ने वाला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरेगा। करीब 760 किलोमीटर लंबे इस रूट पर कुल 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह प्रोजेक्ट केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित हाई-स्पीड रेल विस्तार का हिस्सा है।
तीन राज्यों से गुजरेगा करीब 760 किमी लंबा रूट
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित हैदराबाद-अमरावती-चेन्नई कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 760.09 किलोमीटर होगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश में होगा, जहां करीब 518.54 किलोमीटर का रूट प्रस्तावित है। तेलंगाना में करीब 180.32 किलोमीटर और तमिलनाडु में करीब 61.23 किलोमीटर का हिस्सा होगा।
फिलहाल यह प्रोजेक्ट प्लानिंग और डेवलपमेंट के चरण में है। इसका अंतिम रूट, स्टेशनों की जगह, जमीन अधिग्रहण की जरूरत, फंडिंग का तरीका और निर्माण का टाइमलाइन अभी तय होना बाकी है।
इन 18 जगहों पर प्रस्तावित हैं स्टेशन
तेलंगाना में हैदराबाद, शमशाबाद, भारत सिटी या फ्यूचर सिटी, ड्राई पोर्ट, हालिया और वाडापल्ली में स्टेशन प्रस्तावित हैं।
आंध्र प्रदेश में दाचेपल्ली, अमरावती, गुंटूर, चिराला, ओंगोल, कवाली, नेल्लोर, गुडूर और तिरुपति को इस रूट में शामिल करने की योजना है।
तमिलनाडु में तिरुवल्लूर, चेन्नई आउटर रिंग रोड और चेन्नई सेंट्रल स्टेशन प्रस्तावित हैं।
अमरावती की कनेक्टिविटी पर खास फोकस
प्रस्तावित कॉरिडोर में अमरावती को शामिल किया जाना अहम माना जा रहा है। आंध्र प्रदेश ने हाई-स्पीड रेल का रूट अपने राजधानी क्षेत्र से गुजारने पर जोर दिया था। चिंता थी कि किसी दूसरे रूट से अमरावती और विजयवाड़ा की पहुंच कम हो सकती है।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल ने आगे अलाइनमेंट और फिजिबिलिटी से जुड़ा काम करने पर सहमति दी है। इसमें डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करना भी शामिल है।
12 घंटे का सफर करीब 2 घंटे 20 मिनट तक
रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस सफर में अभी सामान्य ट्रेन से करीब 12 घंटे लगते हैं, वह हाई-स्पीड रेल शुरू होने पर करीब 2 घंटे 20 मिनट तक रह सकता है। इससे बड़े शहरों के बीच एक ही दिन में बिजनेस या घूमने के लिए यात्रा करना आसान हो सकता है।
स्टेशनों के आसपास बढ़ सकती हैं कारोबारी गतिविधियां
बेहतर कनेक्टिविटी से स्टेशनों के आसपास कमर्शियल प्रोजेक्ट, होटल, घर, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और ऑफिस विकसित होने की संभावना बढ़ सकती है। तेलंगाना में शमशाबाद, फ्यूचर सिटी, ड्राई पोर्ट, हालिया और वाडापल्ली, जबकि आंध्र प्रदेश में अमरावती, गुंटूर, दाचेपल्ली, ओंगोल और नेल्लोर को फायदा मिल सकता है। उत्तरी चेन्नई और तिरुवल्लूर को भी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है।

