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Flipkart पर सबसे ज्यादा शिकायतें, Amazon और Meesho भी पीछे नहीं; सरकार ने संसद में बताया पूरा डेटा

ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी शिकायतों पर सरकार ने संसद में बड़ा डेटा पेश किया है। 2025 में फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि अमेजन और मीशो भी लिस्ट में ऊपर रहे। सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पेनल्टी, ग्राहकों को मिले रिफंड और क्विक कॉमर्स से जुड़ी शिकायतों की भी जानकारी दी है।

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In Short

  • 2025 में फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा 1.33 लाख उपभोक्ता शिकायतें दर्ज हुईं।
  • अमेजन के खिलाफ 91,248 और मीशो के खिलाफ 29,284 शिकायतें नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर पहुंचीं।
  • 47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ₹1.12 करोड़ से ज्यादा की पेनल्टी लगी, जबकि ग्राहकों को ₹91 करोड़ से ज्यादा का रिफंड दिलाया गया।

ऑनलाइन शॉपिंग ने खरीदारी को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ डिलीवरी, रिफंड और गलत सामान जैसी शिकायतें भी लगातार सामने आती हैं। अब सरकार ने संसद में बताया है कि 2025 में किन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। साथ ही कार्रवाई, पेनल्टी और ग्राहकों को मिले रिफंड का डेटा भी सामने आया है। आइए जानते हैं कि शिकायतों की इस लिस्ट में कौन सा प्लेटफॉर्म कहां खड़ा है।

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फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा 1.33 लाख शिकायतें

लोकसभा में केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बी एल वर्मा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 2025 में फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा 1.33 लाख उपभोक्ता शिकायतें दर्ज की गईं। इसके बाद अमेजन के खिलाफ 91,248 और मीशो के खिलाफ 29,284 शिकायतें नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर पहुंचीं।

टॉप 10 में मिंत्रा से नायका तक शामिल

सबसे ज्यादा शिकायत वाले 10 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की लिस्ट में मिंत्रा भी शामिल रहा, जिसके खिलाफ 25,384 शिकायतें दर्ज हुईं। नेटमेड्स के खिलाफ 19,895 शिकायतें आईं। इसके अलावा जेप्टो के खिलाफ 5,774, ब्लिंकिट के खिलाफ 5,102 और नापतोल के खिलाफ 4,079 शिकायतें दर्ज की गईं।

इसी लिस्ट में वीएलई बाजार के खिलाफ 3,907 और नायका के खिलाफ 3,405 शिकायतें दर्ज हुईं। यानी शिकायतों का मामला सिर्फ बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूसरे शॉपिंग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म भी इसकी जद में रहे।

47 प्लेटफॉर्म पर लगी ₹1.12 करोड़ से ज्यादा पेनल्टी

सरकार ने बताया कि सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी सीसीपीए ने 47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर करीब ₹1,12,01,500 की पेनल्टी लगाई है। वहीं 25 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की मदद से ग्राहकों को ₹91 करोड़ से ज्यादा का रिफंड दिलाया गया।

इसमें ₹63 करोड़ से ज्यादा का रिफंड सिर्फ ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़ी शिकायतों के मामलों में कराया गया। इसके अलावा रिफंड क्लेम से जुड़ी 1.47 लाख से ज्यादा उपभोक्ता शिकायतों को कोर्ट जाने से पहले ही सुलझा दिया गया।

क्विक कॉमर्स से जुड़ी 5.11 लाख शिकायतें

मंत्री के मुताबिक, 2025 में क्विक कॉमर्स से जुड़ी 5.11 लाख शिकायतें नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन को मिलीं और सभी का निपटारा किया गया। इनमें सबसे बड़ी परेशानी सामान की डिलीवरी नहीं होना रही, जिससे जुड़ी 79,818 शिकायतें दर्ज की गईं।

इसके अलावा गलत सामान की डिलीवरी, पॉलिसी के मुताबिक रिप्लेसमेंट या रिफंड न मिलना, खराब या डैमेज सामान पहुंचना, पेमेंट के बाद रिफंड न मिलना और सर्विस में कमी जैसी शिकायतें भी सामने आईं। नकली सामान की बिक्री और ग्राहकों की मंजूरी के बिना खाते से पैसे कटने के मामले भी शिकायतों में शामिल रहे।

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