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पीएम मोदी का इटली दौरा! डिफेंस से लेकर आयुर्वेद तक, बदल जाएगी पूरी तस्वीर; जानें 10 बड़ी बातें

इस दौरे में डिफेंस, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, शिक्षा, हेल्थकेयर, कृषि, संस्कृति और समुद्री सहयोग समेत कई अहम क्षेत्रों में बड़े समझौते हुए। दोनों देशों ने यह साफ किया कि बदलते वैश्विक माहौल और सप्लाई चेन चुनौतियों के बीच वे अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं।

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Image: PM Modi X handle

प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा के दौरान India और Italy ने अपने रिश्तों को 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दे दिया। इस दौरे में डिफेंस, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, शिक्षा, हेल्थकेयर, कृषि, संस्कृति और समुद्री सहयोग समेत कई अहम क्षेत्रों में बड़े समझौते हुए। दोनों देशों ने यह साफ किया कि बदलते वैश्विक माहौल और सप्लाई चेन चुनौतियों के बीच वे अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं।

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'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' से रिश्तों को नई दिशा

भारत और इटली के रिश्तों को 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' तक बढ़ाना इस यात्रा का सबसे बड़ा कूटनीतिक परिणाम माना जा रहा है। इस नई साझेदारी के तहत दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर फोकस करेंगे। माना जा रहा है कि इससे आने वाले समय में नई दिल्ली और रोम के बीच रणनीतिक सहयोग और मजबूत होगा।

1) डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी पर फोकस

दोनों देशों ने 'डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप' लॉन्च किया है। इसका मकसद डिफेंस निर्माण, एडवांस टेक्नोलॉजी और संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देना है। यह समझौता भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की रणनीति के अनुरूप माना जा रहा है। इसके जरिए दोनों देश एडवांस डिफेंस तकनीकों के विकास और मैन्युफैक्चरिंग में साथ काम करेंगे।

2) क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग

भारत और इटली ने क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी समझौता किया है। यह सेक्टर इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। समझौते के तहत दोनों देश लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ जैसे खनिजों की खोज, तकनीकी सहयोग और निवेश को बढ़ावा देंगे।

3) टैक्स अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग पर संयुक्त कार्रवाई

इटली की Guardia di Finanza और भारत के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बीच हुए समझौते के तहत टैक्स अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग से जुड़े मामलों में सहयोग बढ़ेगा। इससे दोनों देशों की जांच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बन सकेगा और सीमा पार आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई मजबूत होगी।

4) शिक्षा और रिसर्च में नई साझेदारी

भारत और इटली ने उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में नया रोडमैप तैयार किया है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, रिसर्च सहयोग बढ़ाना और छात्रों व शिक्षकों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम को मजबूत करना है। दोनों देश युवाओं की स्किल और रोजगार क्षमता बढ़ाने पर भी फोकस करेंगे।

5) क्लाइमेट चेंज और वैज्ञानिक रिसर्च पर साथ काम

Indian Institute of Tropical Meteorology पुणे और इटली के CMCC के बीच जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबिलिटी रिसर्च को लेकर समझौता हुआ है। इसके तहत दोनों संस्थान क्लाइमेट चेंज रिसर्च, छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज और संयुक्त वैज्ञानिक परियोजनाओं पर काम करेंगे।

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इसके अलावा भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इटली के Elettra Sincrotrone Trieste के बीच भी एडवांस वैज्ञानिक रिसर्च को लेकर साझेदारी हुई है। इससे भारतीय वैज्ञानिकों को अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं तक पहुंच मिल सकेगी और मैटेरियल व लाइफ साइंस रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।

6) भारतीय नर्सों के लिए खुलेंगे नए अवसर

हेल्थकेयर सेक्टर में भी इस यात्रा के दौरान बड़ा फैसला लिया गया। इटली ने भारतीय नर्सों के लिए मोबिलिटी का रास्ता खोलने पर सहमति जताई है। इससे भारतीय नर्सों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और भारतीय हेल्थकेयर वर्कफोर्स को वैश्विक स्तर पर और पहचान मिलेगी।

7) आयुर्वेद को ग्लोबल स्तर पर बढ़ावा

भारत और इटली ने आयुर्वेद के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश आयुर्वेदिक ज्ञान के वैश्विक प्रचार, संयुक्त रिसर्च, संस्थागत साझेदारी और छात्र-शिक्षक एक्सचेंज पर साथ काम करेंगे। यह कदम दुनिया में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

8) समुद्री और पोर्ट सेक्टर में सहयोग

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दोनों देशों ने समुद्री परिवहन और पोर्ट सेक्टर में MoU साइन किया है। इसका उद्देश्य भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इससे भारत के पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

9) लोथल मैरीटाइम हेरिटेज प्रोजेक्ट में इटली का सहयोग

गुजरात के लोथल में बन रहे नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के विकास में भी इटली सहयोग करेगा। इससे भारत की समुद्री विरासत और सांस्कृतिक इतिहास को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना सरकार के “विकास भी, विरासत भी” विजन का हिस्सा मानी जा रही है।

10) कृषि और समुद्री उत्पाद व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

भारत और इटली ने कृषि क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। नई तकनीक, टिकाऊ खेती और किसानों की स्किल डेवलपमेंट पर फोकस किया जाएगा। वहीं भारत की MPEDA और इटली की ASSOITTICA ITALIA के बीच हुए समझौते से भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।