scorecardresearch

दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक के लापरवाह इस्तेमाल पर सरकार की सख्ती, फार्मेसी को दिए निर्देश

केंद्र सरकार ने दर्द की दवाओं और एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा दी है। CDSCO ने फार्मेसी, डॉक्टरों और अस्पतालों को प्रिस्क्रिप्शन नियमों का पालन करने को कहा है। सरकार ने किडनी जोखिम और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को देखते हुए दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया है।

Advertisement
AI Generated Image

In Short

  • सरकार ने बिना डॉक्टर की सलाह दर्द की दवा और एंटीबायोटिक लेने पर रोक लगाने के लिए फार्मेसी और डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए।
  • NSAIDs दवाओं के गलत इस्तेमाल से किडनी पर असर और एंटीबायोटिक के गलत उपयोग से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खतरे को लेकर चेतावनी दी गई।
  • CDSCO ने राज्यों, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से दवाओं के सही इस्तेमाल और जागरूकता बढ़ाने को कहा।

केंद्र सरकार ने दर्द की दवाओं और एंटीबायोटिक के बिना सलाह इस्तेमाल को लेकर सख्त कदम उठाया है। सरकार ने फार्मेसी, डॉक्टरों और अस्पतालों से कहा है कि वे इन दवाओं के गलत और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल को रोकें। सरकार ने खासतौर पर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) और एंटीबायोटिक के लापरवाही से इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है।

advertisement

बिना डॉक्टर की सलाह न लें दर्द की दवा और एंटीबायोटिक

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने 21 सितंबर के एक सर्कुलर में फार्मासिस्ट, रिटेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को शेड्यूल H और H1 दवाओं की बिक्री के नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है।

सरकार ने कहा है कि फार्मासिस्ट और दवा विक्रेता लोगों को एंटीबायोटिक या प्रिस्क्रिप्शन वाली NSAIDs दवाएं खुद से लेने के लिए प्रोत्साहित न करें।

किडनी पर पड़ सकता है असर

CDSCO ने NSAIDs दवाओं के गलत इस्तेमाल से किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बताया है। सरकार ने कहा है कि जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है या किडनी खराब होने का जोखिम है, उन्हें NSAIDs लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

लोगों को बार-बार या लंबे समय तक दर्द की दवा लेने से बचने की सलाह दी गई है। अगर दर्द, बुखार या दूसरी परेशानी बार-बार हो रही है तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है।

डॉक्टरों को भी दी गई सलाह

सरकार ने डॉक्टरों से कहा है कि NSAIDs और एंटीबायोटिक लिखने से पहले मरीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, दूसरी बीमारियों और पहले से चल रही दवाओं को ध्यान में रखा जाए।

प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकार ने कहा कि NSAIDs दवाएं मरीज को सबसे कम प्रभावी खुराक और कम से कम जरूरी समय के लिए ही दी जानी चाहिए, खासतौर पर उन लोगों में जिनमें किडनी से जुड़ी समस्या का खतरा ज्यादा है।

एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल पर रोक

सरकार ने एंटीबायोटिक के अनावश्यक इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है। CDSCO ने कहा कि ऐसी दवाओं का इस्तेमाल तब नहीं किया जाना चाहिए जब इलाज के लिए इसकी जरूरत न हो। खासतौर पर सामान्य वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती।

डॉक्टरों को सलाह दी गई है कि वे संक्रमण की वजह, उसकी गंभीरता और जरूरत के हिसाब से ही एंटीबायोटिक लिखें। गलत दवा का चुनाव, गलत खुराक और जरूरत से ज्यादा लंबे समय तक इलाज से बचने को कहा गया है।

अस्पतालों और राज्यों को भी निर्देश

सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से कहा है कि वे NSAIDs और एंटीबायोटिक के सही इस्तेमाल के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करें। इसमें दवाओं की समीक्षा, एंटीमाइक्रोबियल स्टूवर्डशिप और मरीजों को जागरूक करना शामिल है।

advertisement

CDSCO ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों से भी कहा है कि वे डॉक्टरों, फार्मासिस्ट, दवा विक्रेताओं और आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाएं।

सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य दवाओं का सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल सुनिश्चित करना है, ताकि किडनी से जुड़ी परेशानियों, दवाओं के साइड इफेक्ट और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं को कम किया जा सके।