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FSSAI का बड़ा झटका, Red Bull और PepsiCo समेत 6 Energy Drink Brands पर नोटिस

FSSAI ने Red Bull और PepsiCo समेत 6 बड़े एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स को नोटिस भेजा है। इन कंपनियों पर आरोप है कि वे अपने प्रोडक्ट्स को गलत तरीके से बेच रही हैं और ऐसे दावे कर रही हैं, जिससे लोग भ्रमित हो सकते हैं। FSSAI का कहना है कि भारत में अभी एनर्जी ड्रिंक शब्द के लिए साफ नियम तय नहीं हैं।

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In Short

  • FSSAI ने Red Bull और PepsiCo समेत 6 एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है।
  • कंपनियों पर गलत ब्रांडिंग और भ्रामक दावों के जरिए ग्राहकों को भ्रमित करने का आरोप है।
  • FSSAI का कहना है कि भारत में एनर्जी ड्रिंक कैटेगरी के लिए अभी कोई साफ मानक तय नहीं है।

FSSAI Notice: देश में एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री और उनके दावों को लेकर Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI ने सख्त कदम उठाया है। FSSAI ने 6 बड़े ब्रांड्स को नोटिस भेजा है। आरोप है कि ये कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को सही तरीके से पेश नहीं कर रही हैं और ऐसे दावे कर रही हैं, जिनसे ग्राहकों को गलतफहमी हो सकती है।

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इन कंपनियों को मिला नोटिस

FSSAI के नोटिस में Red Bull, PepsiCo का Adrenaline Rush Energy Drink, Reliance Consumer Products का Campa Energy Drink Gold Boost, Sting Energy Drink, Hell Energy और Coca-Cola से जुड़ा Monster Energy शामिल हैं। ये सभी ब्रांड भारत में अपने प्रोडक्ट्स को एनर्जी ड्रिंक के तौर पर बेचते और प्रचारित करते रहे हैं।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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‘एनर्जी ड्रिंक’ नाम पर सवाल

इस पूरे विवाद की बड़ी वजह यह है कि भारत में अभी ‘एनर्जी ड्रिंक’ नाम की कैटेगरी के लिए साफ नियम तय नहीं हैं। FSSAI का कहना है कि जब किसी कैटेगरी के लिए तय मानक मौजूद नहीं हैं, तो किसी प्रोडक्ट को एनर्जी ड्रिंक बताना ग्राहकों को गलत संदेश दे सकता है।

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ग्राहक यह समझ सकते हैं कि ऐसी ड्रिंक्स तुरंत ज्यादा ताकत या ऊर्जा देती हैं।

युवाओं में बढ़ती मांग

भारत में एनर्जी ड्रिंक्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। खासकर युवाओं में इनकी मांग ज्यादा देखी जा रही है। इसी बीच स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी बढ़ी है। वित्त और उपभोक्ता बाजार पर नजर रखने वाले विश्लेषकों के मुताबिक, कई एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और शुगर की मात्रा ज्यादा हो सकती है। ऐसे में अगर सही जानकारी नहीं दी जाती, तो ग्राहकों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

फिलहाल इस मामले पर संबंधित कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। FSSAI के नोटिस के बाद अब देखना होगा कि ये कंपनियां अपने दावों और ब्रांडिंग पर क्या सफाई देती हैं।