Digital Arrest Scam: फोन पर CBI अधिकारी बनकर कॉल आए तो रहें सतर्क, नहीं तो हो सकती है करोड़ों की ठगी
ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने CBI अधिकारी बनकर 69 वर्षीय रिटायर्ड महिला को 33 दिनों तक डराया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे 1.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर ठगों का नया जाल! CBI अधिकारी बनकर कर रहे Digital Arrest, रहें अलर्ट

In Short
- सावधान! CBI अधिकारी बनकर हो रही करोड़ों की ठगी, ग्वालियर में सामने आया बड़ा मामला
- अलर्ट! Digital Arrest के नाम पर 33 दिन तक महिला को डराकर ठगे 1.57 करोड़
- फोन पर CBI अधिकारी बनकर कॉल आए तो रहें सतर्क, नहीं तो हो सकती है करोड़ों की ठगी
- साइबर ठगों का नया जाल! CBI अधिकारी बनकर कर रहे Digital Arrest, रहें अलर्ट
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट का एक बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर 69 वर्षीय रिटायर्ड महिला अधिकारी को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और 33 दिनों तक डराकर उनसे 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़िता ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
CBI अधिकारी बनकर डिजिटल लूट
जानकारी के अनुसार, ठगों ने रिटायर्ड अधिकारी मीनाक्षी नाखरे को फोन कर खुद को CBI अधिकारी बताया। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी और कार्रवाई का डर दिखाया गया। इसी बहाने उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखा गया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।
33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट, चार FD भी तुड़वाई
पीड़िता 23 जून तक करीब 33 दिनों तक साइबर ठगों के संपर्क में रहीं। इस दौरान उन्होंने अपनी चार फिक्स्ड डिपॉजिट भी तुड़वाईं और चार राज्यों के 10 से अधिक शहरों में अलग-अलग खातों में 1.57 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर कर दिए। क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज हुआ जिसके बाद जांच शुरू की गयी है। जब महिला को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने ग्वालियर क्राइम ब्रांच थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ट्रांजैक्शन से जुड़े खातों और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

