सितंबर में ही दिल्लीवालों को निकालने पड़ेंगे गर्म कपड़े? मौसम में आए बदलाव की जानिए वजह!
दिल्ली में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया और 18 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। राजधानी में ठंड के साथ हल्की धुंध भी दिखाई दी। ऐसे में सवाल है कि क्या सर्दियां जल्दी आने वाली हैं या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? जानिए मौसम विभाग का अनुमान।

In Short
- दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा।
- IMD के मुताबिक, सितंबर में साल 2008 के बाद यह सबसे कम न्यूनतम तापमान है।
- - मौसम विभाग ने 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दिल्ली में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है।
दिल्ली में मंगलवार की सुबह मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। राजधानी का न्यूनतम तापमान गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, सितंबर में साल 2008 के बाद यह सबसे कम न्यूनतम तापमान है। यानी दिल्ली ने सितंबर की सबसे ठंडी सुबह का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के बीच तापमान में यह गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी में मानसून का दौर खत्म हो रहा है और मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सितंबर में अचानक इतनी ठंड क्यों महसूस होने लगी?
दिल्ली में अचानक तापमान क्यों गिरा?
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार सुबह 5:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई।
बारिश के साथ आसमान में बादल छाए रहने और वातावरण में नमी बढ़ने से रात का तापमान कम बना रहा। इसी वजह से मंगलवार सुबह दिल्ली में सामान्य से ज्यादा ठंड महसूस हुई।

IMD के आंकड़ों के अनुसार, 28 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास था। हालांकि, मंगलवार सुबह दिल्ली में तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
इससे पहले 27 सितंबर को भी दिल्ली का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसे पिछले 25 वर्षों में सितंबर का दूसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान बताया गया था।
मंगलवार सुबह दिल्ली में धुंध क्यों छाई?

मंगलवार सुबह ठंड के साथ दिल्ली के आसमान में हल्की धुंध भी दिखाई दी। हाल की बारिश के बाद वातावरण की निचली परतों में नमी बनी हुई थी।
हवा में मौजूद छोटे कणों के साथ यह नमी मिलकर सुबह के समय धुंध जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
हालांकि, मौसम विभाग ने मंगलवार की धुंध के पीछे किसी खास प्रदूषण की घटना या एक निश्चित वजह की पुष्टि नहीं की है।
क्या दिल्ली में इस बार जल्दी आएगी सर्दी?
सितंबर में अचानक तापमान गिरने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली में इस बार सर्दियां जल्दी शुरू हो जाएंगी। प्रशांत महासागर में विकसित हो रही एल नीनो की परिस्थितियों को लेकर भी चर्चा है।

हालांकि, दिल्ली में हाल की ठंड को सीधे एल नीनो से जोड़ना सही नहीं होगा।
तापमान गिरने की मुख्य वजह उत्तर भारत में लंबे समय तक सक्रिय रही मौसम प्रणाली है। इसके चलते कई इलाकों में बारिश हुई, बादल छाए रहे और दिन में धूप से मिलने वाली गर्मी कम रही।
मानसून की विदाई के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली से आधिकारिक तौर पर वापस जा चुका है, लेकिन दूसरी मौसम प्रणालियों का असर अभी भी बना हुआ है।
IMD के मुताबिक, दक्षिण राजस्थान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं, उत्तर प्रदेश के ऊपर भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
मौसम विभाग ने 29 सितंबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश की संभावना जताई है।
हालांकि, यह बारिश ज्यादा दिनों तक जारी रहने की उम्मीद नहीं है। 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
यानी सितंबर की रिकॉर्ड ठंडी सुबह और धुंध के बाद अब दिल्ली में बारिश का दौर कमजोर पड़ने की संभावना है। राजधानी धीरे-धीरे मानसून के बाद वाले मौसम की ओर बढ़ रही है।

