लखनऊ हादसे के बाद दिल्ली सरकार सख्त! मुखर्जी नगर से राजेंद्र नगर तक- 924 कोचिंग सेंटरों की होगी सुरक्षा जांच
लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी के 924 कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। संयुक्त टीमें अग्नि सुरक्षा, भवन की मजबूती और आपातकालीन इंतजामों की जांच करेंगी। शिक्षा मंत्री ने कोचिंग फीस, सुरक्षा मानकों और बुनियादी सुविधाओं के लिए सख्त नियम बनाने की भी बात कही।

लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने का फैसला किया है। सरकार ने दिल्ली के 924 कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं तय मानकों के मुताबिक हों।
बड़े कोचिंग हब्स पर रहेगा खास फोकस
इस अभियान के तहत मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवरिया सराय जैसे बड़े कोचिंग हब्स में संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। जांच के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), नगर निगम (MCD), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की संयुक्त टीमें तैनात की जाएंगी।
निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, भवन सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकासी की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। जिन संस्थानों में नियमों का पालन नहीं पाया जाएगा, वहां संबंधित एजेंसियां आगे की कार्रवाई करेंगी।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद का बड़ा बयान
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए स्पष्ट नियम-कानून तय किए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, यह भी जरूरी है कि कोचिंग संस्थानों की फीस पर कुछ कंट्रोल हो, क्योंकि कहीं एक लाख रुपये फीस ली जा रही है तो कहीं चार लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोचिंग सेंटरों की लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की भी नियमित जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, कई जगह पर्याप्त सुरक्षा, जगह और बुनियादी सुविधाओं के बिना भी छात्रों को पढ़ाया जा रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

