Cyclone Arnab: विकराल रूप ले रहा चक्रवाती तूफान 'अर्नब'! 53 ट्रेनें रद्द, स्कूल बंद, कई राज्यों में अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्नब तेजी से खतरनाक रूप ले रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। ट्रेनें रद्द होने और स्कूल बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानिए कब और कहां टकराएगा तूफान।

In Short
- चक्रवाती तूफान अर्नब अगले 12 घंटों में बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।
- 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेनें रद्द, प्रभावित इलाकों में स्कूल और समुद्र तट बंद।
- तट से टकराते समय हवाओं की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका।
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसके चलते देश के पूर्वी तटीय इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। तेज हवाओं और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आइए जानते हैं कि तूफान कब और कहां पहुंचेगा और इससे निपटने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।
28 अक्टूबर को तट से टकराएगा तूफान
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, अर्नब गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। अगले 12 घंटों में इसके बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है।तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटों से टकरा सकता है। यह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास पहुंचेगा।
सोमवार शाम तूफान विशाखापत्तनम से 490 किलोमीटर, काकीनाडा से 560 किलोमीटर और बापटला से 730 किलोमीटर दूर था। यह 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था।
तट से टकराते समय हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। तेज झोंकों के साथ यह 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
53 ट्रेनें रद्द, स्कूल और समुद्र तट बंद
तूफान के खतरे को देखते हुए रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को कुल 53 ट्रेनें रद्द कर दी हैं।इसका असर विजयवाड़ा, राजमुंदरी, मछलीपट्टनम, नरसापुर, भीमावरम, काकीनाडा पोर्ट, गुंटूर और विशाखापत्तनम से जुड़े रेल रूट पर पड़ा है।प्रभावित इलाकों में स्कूल और दूसरे शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। समुद्र तटों और पर्यटन स्थलों पर लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई है।
20 जिलों को ₹27 करोड़, 4,711 गर्भवती महिलाओं के लिए इंतजाम
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने और जिलों में कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं।राज्य सरकार ने राहत कार्यों के लिए 20 जिलों को ₹27 करोड़ जारी किए हैं।
खतरे वाले इलाकों से 4,711 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों और हेल्थ सेंटर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।मछुआरों को समुद्र से लौटने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, समुद्र में गए सभी मछुआरे सुरक्षित वापस आ चुके हैं।
ओडिशा समेत कई राज्यों में अलर्ट
ओडिशा के छह दक्षिणी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और मछली पकड़ने पर पाबंदियां लगाई गई हैं।
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी को अलर्ट पर रखा है।एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना और कोस्ट गार्ड ने भी बचाव के लिए जवान, जहाज और विमान तैयार रखे हैं।
मौसम विभाग ने तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। प्रशासन लगातार तूफान की निगरानी कर रहा है, ताकि जान-माल का नुकसान कम किया जा सके।

