
शी जिनपिंग की भारत यात्रा कन्फर्म, 12-13 सितंबर को BRICS समिट में शामिल होंगे चीनी राष्ट्रपति
BRICS समिट से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसके पास फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो यह 7 साल बाद उनका दौरा होगा और मोदी-जिनपिंग की संभावित मुलाकात पर नजर रहेगी।

In Short
- शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर सस्पेंस बरकरार, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा- अभी कोई जानकारी नहीं।
- BRICS समिट में पुतिन और पेजेश्कियान की मौजूदगी तय, लेकिन जिनपिंग के आने की पुष्टि नहीं हुई।
- अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो 7 साल बाद होगा दौरा, गलवान झड़प के बाद मोदी-जिनपिंग की पहली संभावित द्विपक्षीय बैठक।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर अब स्थिति साफ हो गई है। शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे।
BRICS समिट में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की मौजूदगी पहले ही तय हो चुकी है। अब चीन के राष्ट्रपति की यात्रा भी कन्फर्म हो गई है।
BRICS समिट में पुतिन और पेजेश्कियान की मौजूदगी तय
नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में BRICS देशों के राष्ट्र प्रमुख शामिल हो रहे हैं।
अब तक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, शी जिनपिंग की यात्रा को लेकर अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
भारत आने पर 7 साल बाद होगा दौरा
इससे पहले गुरुवार को खबरें आई थीं कि चीनी राष्ट्रपति BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आ सकते हैं। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना भी जताई गई थी।
अगर शी जिनपिंग भारत आते हैं तो यह करीब सात सालों में उनकी पहली भारत यात्रा होगी। वहीं, 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है।
हालांकि, नई दिल्ली और बीजिंग की ओर से अभी तक प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
SCO समिट में मिले थे दोनों नेता
हाल ही में भारत और चीन के नेताओं ने किर्गिस्तान के बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में एक साथ मंच साझा किया था।

इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया था, लेकिन कोई औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई थी।
शी की यात्रा से पहले राजनयिक बातचीत तेज
शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक बातचीत भी जारी रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयासों के तहत चीन का दौरा किया था।
इसके बाद भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए बनी कार्य प्रणाली की बैठक हुई। इसके बाद सीमा मुद्दे पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई।
अब सभी की नजर BRICS समिट में शी जिनपिंग की मौजूदगी और भारत-चीन संबंधों को लेकर होने वाली संभावित बातचीत पर बनी हुई है।

