पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्ती, आज संशोधनों को मिल सकती है मंजूरी
पेपर लीक और परीक्षा में नकल के मामलों पर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान जोड़ा जा सकता है जबकि सजा और जुर्माना भी बढ़ाया जा सकता है। जानिए आज कैबिनेट बैठक में किन बदलावों को मंजूरी मिल सकती है।

In Short
- केंद्र सरकार पेपर लीक और नकल विरोधी कानून को और सख्त कर सकती है।
- मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान जोड़ा जा सकता है।
- पेपर लीक के मामलों में सजा और जुर्माने की राशि बढ़ाई जा सकती है।
Anti Paper Leak Law: केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षाओं में नकल के खिलाफ मौजूदा कानून को और सख्त करने की तैयारी कर रही है। इंडिया टुडे के पत्रकार हिमांशु की रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 में कुछ अहम संशोधन किए जा सकते हैं।
इन प्रस्तावित बदलावों को आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का जोड़ा जा सकता है प्रावधान
सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान कानून में जोड़ा जा सकता है। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों की सुनवाई को तेजी से पूरा करना हो सकता है।
प्रस्तावित संशोधनों में फास्ट ट्रैक कोर्ट को अधिक अधिकार देने की व्यवस्था भी की जा सकती है। हालांकि इन अधिकारों की पूरी जानकारी कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आने की संभावना है।
सजा और जुर्माना बढ़ाने की तैयारी
केंद्र सरकार मौजूदा कानून में सजा और जुर्माने की रकम बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। अभी व्यक्तिगत स्तर पर पेपर लीक या अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में तीन से पांच साल तक की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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वहीं परीक्षा से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर पर मौजूदा कानून के तहत एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रस्तावित संशोधनों में इस व्यवस्था को भी और सख्त किया जा सकता है।
संगठित अपराध में अभी क्या है सजा
मौजूदा कानून के अनुसार, पेपर लीक से जुड़े संगठित अपराध के मामलों में पांच से दस साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही न्यूनतम एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अब सरकार इस श्रेणी में भी सजा और जुर्माने को बढ़ाने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों का मकसद पेपर लीक और नकल से जुड़े मामलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और सख्त बनाना है।
कैबिनेट बैठक पर नजर
आज होने वाली कैबिनेट बैठक में इन संशोधनों को मंजूरी मिल सकती है। मंजूरी मिलने के बाद ही यह साफ होगा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट को कौन से अतिरिक्त अधिकार दिए जाएंगे और सजा तथा जुर्माने में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी।
