
BRICS Summit: खास बस से भारत मंडपम पहुंचे नेता, PM Modi के गाला डिनर में दिखी खास मेजबानी
BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गाला डिनर का आयोजन किया गया। इसमें इंडोनेशिया और कजाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों समेत कई नेता भारत मंडपम पहुंचे। वहीं, शी जिनपिंग ने भारत और चीन की जिम्मेदारियों पर जोर देते हुए BRICS सहयोग और मल्टीपोलर दुनिया की वकालत की।

In Short
- प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित BRICS गाला डिनर में शामिल होने के लिए नेता भारत मंडपम पहुंचे।
- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति टोकायेव समेत कई नेता डिनर में शामिल हुए।
- शी जिनपिंग ने भारत और चीन को ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य बताते हुए BRICS सहयोग और मल्टीपोलर दुनिया पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री संसद से एक खास बस में भारत मंडपम पहुंचे। यह डिनर नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन के कार्यक्रम का हिस्सा है।
भारत मंडपम में जुटे BRICS नेता
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस समेत अन्य नेता भी गाला डिनर के लिए पहुंच चुके हैं।

BRICS गाला डिनर, BRICS की अध्यक्षता करने वाले देश की ओर से आयोजित एक औपचारिक स्वागत समारोह होता है। इसका आयोजन शिखर सम्मेलन के पहले दिन के कार्यक्रम के बाद शाम में किया जाता है।
शी जिनपिंग ने भारत और चीन की जिम्मेदारी पर क्या कहा?
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत और चीन की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा मुश्किल अंतरराष्ट्रीय माहौल में, जहां आपस में जुड़े बदलाव और चुनौतियां हैं, चीन और भारत बड़ी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देश हैं और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य हैं। उन्होंने दोनों देशों की जिम्मेदारियों पर जोर दिया।
लोगों की भलाई को ध्यान में रखकर काम करने की बात
शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों पक्षों को इंसानियत के भविष्य और अपने लोगों की भलाई को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने बड़े BRICS फ्रेमवर्क के अंदर उच्च-गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक बराबर और व्यवस्थित मल्टीपोलर दुनिया की वकालत करनी चाहिए। इसके साथ ही आर्थिक वैश्वीकरण को सबको साथ लेकर चलने वाला और आपसी फायदे वाला बनाने पर जोर दिया।
शांति और विकास को बढ़ावा देने पर जोर
शी जिनपिंग ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से दुनिया में शांति, स्थिरता, विकास और खुशहाली को बढ़ावा देने में और ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा आएगी।

