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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से 50 मिनट मुलाकात, तीन 'म्यूचुअल' मंत्र से रिश्तों को नई दिशा देने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच ब्रिक्स दिल्ली 2026 में 50 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई। पीएम मोदी ने पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हित पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने, मौजूदा समझौतों का पालन करने और मतभेदों को विवाद में न बदलने पर जोर दिया।

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In Short

  • पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच 50 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई।
  • पीएम मोदी ने पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हित के तीन 'म्यूचुअल' पर जोर दिया।
  • दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने और मतभेदों को विवाद में न बदलने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच ब्रिक्स दिल्ली 2026 के बैनर तले द्विपक्षीय मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने करीब 50 मिनट तक बातचीत की। गलवान टकराव के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पहली द्विपक्षीय मुलाकात थी। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

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पीएम मोदी ने बताए भरोसे के तीन 'म्यूचुअल'

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए तीन 'म्यूचुअल' यानी आपसी बातों पर जोर दिया। इनमें पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक हित शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों को इन तीनों बातों का पालन करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए। दोनों नेताओं ने अपने रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने पर जोर दिया।

भारत-चीन रिश्तों में लगातार प्रगति का स्वागत

दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन के आपसी संबंधों में हुई लगातार प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने एक बार फिर कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाना चाहिए।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत-चीन संबंधों में पिछले कुछ समय से धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

सीमा पर शांति और स्थिरता पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों के लगातार विकास के लिए जरूरी आधार है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों पक्षों को सीमा से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और आपसी समझ का पालन करना चाहिए।

(Photo: Aaj Tak)

दोनों नेताओं ने सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और आपसी सहमति वाले समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। यह समाधान दोनों देशों के समग्र आपसी संबंधों के राजनीतिक नजरिए और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों पर आधारित होना चाहिए।

मतभेद विवाद में न बदलें

भारत ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए। दोनों नेताओं की बातचीत में द्विपक्षीय रिश्तों को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर रहा।