ईरान में अमेरिका की मुश्किल पर बोरिस जॉनसन का बड़ा बयान, बोले किस ‘जाल’ में फंसा वॉशिंगटन
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ईरान को लेकर अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वॉशिंगटन एक स्पष्ट जाल में फंस गया है। उन्होंने भारत, अमेरिका और ब्रिटेन के बीच मिलकर कूटनीतिक कदम उठाने और तनाव कम करने की जरूरत बताई।

In Short
- बोरिस जॉनसन ने कहा कि केवल हवाई अभियान से ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं किया जा सकता
- उन्होंने भारत अमेरिका और ब्रिटेन के बीच मिलकर कूटनीतिक पहल करने की बात कही
- यूक्रेन युद्ध पर जॉनसन ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हारने के लिए नियत हैं
बढ़ते संघर्ष, खुफिया जानकारी पर सवाल और बंद हो चुके स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बीच अमेरिका मध्य पूर्व में एक महंगे गतिरोध में फंस गया है। बिजनेस टुडे के अनुसार, नई दिल्ली में इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में बोलते हुए ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ईरान को लेकर अमेरिका की मौजूदा रणनीति पर सवाल उठाए।
अमेरिका ईरान में ‘स्पष्ट जाल’ में फंसा
बोरिस जॉनसन ने कहा कि अमेरिका ईरान में एक “स्पष्ट जाल” में फंस गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल हवाई अभियान के जरिए ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
जॉनसन के मुताबिक ईरान में लंबे समय तक राजनीतिक बदलाव देश के अंदर से ही आना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या क्षेत्र में प्रॉक्सी नेटवर्क को आर्थिक मदद देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
भारत अमेरिका और ब्रिटेन मिलकर उठाएं कदम
जॉनसन ने भारत अमेरिका और ब्रिटेन के बीच तेजी से और मिलकर कूटनीतिक कदम उठाने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक इसका मकसद बाहर निकलने की रणनीति तैयार करना ऊर्जा बाजार को स्थिर करना और जरूरी समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करना होना चाहिए।
उन्होंने तीनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तर पर बातचीत जारी रखने की बात कही। साथ ही तेहरान के साथ कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और व्यापार मार्गों पर जोर
जॉनसन ने भारत अमेरिका और ब्रिटेन से मजबूत वैकल्पिक व्यापार मार्ग तैयार करने की बात कही। उनका कहना था कि जरूरी समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करना भी अहम है।
उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को अमेरिका और ब्रिटेन के साथ इस्तेमाल करते हुए समन्वित कूटनीतिक पहल की जा सकती है। उनके मुताबिक यह तनाव कम करने का सबसे व्यवहारिक रास्ता हो सकता है।
यूक्रेन युद्ध पर भी बोले जॉनसन
यूक्रेन युद्ध को लेकर जॉनसन ने रूस की जीत को तय मानने वाली बातों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन “हारने के लिए नियत” हैं।
रूस पर भारत की भूमिका अहम
जॉनसन ने नई दिल्ली के रूस के साथ लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए रूस पर बड़े अंतरराष्ट्रीय पक्षों की लगातार कूटनीतिक दबाव की जरूरत होगी।
उनके मुताबिक इस प्रक्रिया में भारत की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

