scorecardresearch

ऑफिस पॉलिटिक्स से बचना है? अंकुर वारिकू के ये 5 तरीके आएंगे काम

कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने ऑफिस की पॉलिटिक्स से बचने के लिए पांच आसान तरीके बताए हैं। उनका कहना है कि जरूरी बातों को लिखित में रखें, किसी एक साथी पर निर्भर न रहें, गॉसिप से दूर रहें, ज्यादा काम मिलने पर प्राथमिकता साफ करें और गलती के आरोप पर सीधे सवाल पूछें।

Advertisement
AI generated image

In Short

  • असहज काम या अनुरोध को लिखित में लेने की सलाह दी
  • ऑफिस की गॉसिप से दूर रहने और जरूरी जानकारी के लिए एक व्यक्ति पर निर्भर न रहने को कहा
  • ज्यादा काम मिलने पर पहले से चल रहे काम की प्राथमिकता साफ करने की सलाह दी

ऑफिस पॉलिटिक्स हमेशा सीधे टकराव से शुरू नहीं होती। कई बार यह किसी छोटे से अनुरोध, किसी सहकर्मी के बारे में बातचीत या पहले से भरे शेड्यूल में चुपचाप जोड़े गए अतिरिक्त काम से शुरू होती है। उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने इससे बचने के लिए पांच तरीके बताए हैं।

advertisement

असहज अनुरोध हो तो लिखित में मांगें

अगर कोई आपसे ऐसा काम करने के लिए कहता है जिससे आप असहज हैं तो तुरंत मना करने या बहस करने के बजाय उससे उस बात को लिखित में भेजने के लिए कहें। आप कह सकते हैं, “आप जो चाहते हैं उसे ठीक से समझने के लिए क्या आप मुझे ईमेल कर सकते हैं?”

इससे जो बात पहले सिर्फ बातचीत में थी वह साफ तौर पर लिखित में आ जाती है। जरूरी निर्देशों, फैसलों और जिम्मेदारियों का रिकॉर्ड भी रहता है।

जरूरी जानकारी के लिए एक ही व्यक्ति पर निर्भर न रहें

हर ऑफिस में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें प्रोजेक्ट, मैनेजमेंट के फैसलों और दूसरी जरूरी बातों की जानकारी रहती है। लेकिन सिर्फ एक सहकर्मी से जानकारी लेने पर निर्भर रहना ठीक नहीं है।

अलग-अलग सहकर्मियों से बात करें, दूसरी टीमों से जुड़े रहें और अपने काम से जुड़ी बातों पर सीधे सवाल पूछें। इससे जरूरी जानकारी सिर्फ एक व्यक्ति की बात पर निर्भर नहीं रहेगी।

ऑफिस की गॉसिप से दूर रहें

किसी सहकर्मी के बारे में कोई आपसे पूछे कि आप उसके बारे में क्या सोचते हैं तो अपनी नकारात्मक राय बताने से बचें। ऐसी बात आगे उस व्यक्ति तक पहुंच सकती है और मूल बातचीत का संदर्भ भी बदल सकता है।

अंकुर वारिकू की सलाह है कि ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति की तारीफ करें। इसका मतलब यह नहीं है कि हर किसी की झूठी तारीफ करें। अगर फीडबैक देना जरूरी है तो उसे तथ्यों तक रखें और सही जगह पर पेशेवर तरीके से दें।

अतिरिक्त काम मिले तो प्राथमिकता साफ करें

मान लीजिए आप पहले से एक्स और वाई काम कर रहे हैं और मैनेजर आपको जेड काम भी दे देता है, जो किसी दूसरे व्यक्ति की जिम्मेदारी थी। ऐसे में सिर्फ हां कहकर अतिरिक्त काम अपने ऊपर न लें।

आप कह सकते हैं, “मैं यह काम करने के लिए तैयार हूं। अभी मैं एक्स और वाई पर काम कर रहा हूं। इनमें से किस काम की प्राथमिकता कम करूं ताकि यह नया काम कर सकूं?”

advertisement

इससे नए काम के साथ आपकी पहले से चल रही जिम्मेदारियां भी साफ रहती हैं।

आप पर आरोप लगे तो पूछें गलती कहां हुई

अगर किसी के सामने आप पर गलती का आरोप लगाया जाता है तो तुरंत यह कहने के बजाय कि मैंने ऐसा नहीं किया या मेरी गलती नहीं है, पूछें, “आप बता सकते हैं कि मुझसे कहां गलती हुई ताकि मैं इसे दोबारा न दोहराऊं?”

इस सवाल से बात आरोप लगाने के बजाय गलती और उसे सुधारने पर आ जाती है। इससे कर्मचारी फीडबैक के लिए तैयार भी दिखता है, लेकिन बिना किसी साफ वजह के आरोप को स्वीकार भी नहीं करता।

असली बात है ऑफिस पॉलिटिक्स में न पड़ना

अंकुर वारिकू के इन पांच तरीकों में सबसे अहम बात स्पष्टता है। जरूरी निर्देश लिखित में रखना, अलग-अलग लोगों से संपर्क में रहना, गॉसिप से दूर रहना, बदलती प्राथमिकताओं को साफ करना और आलोचना होने पर सीधे सवाल पूछना इसका हिस्सा है।