अमेरिका-ईरान युद्धविराम डील: 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने वाले इस समझौते पर क्यों हैं दुनिया की नजर?
अमेरिका-ईरान संभावित समझौते से स्विट्जरलैंड में 19 जून को युद्धविराम, प्रतिबंध राहत और परमाणु वार्ता शुरू होने की संभावना बढ़ी। ईरान को करना होगा परमाणु हथियारों से तौबा।

In Short
- अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता
- 19 जून को स्विट्जरलैंड में बड़ी डील की तैयारी
- क्या ईरान करेगा, परमाणु हथियारों से तौबा?
- 300 अरब डॉलर पैकेज वाली डील पर दुनिया की नजर
अमेरिका-ईरान समझौता के तहत दोनों देश 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिसके बाद युद्ध के तुरंत रुकने की संभावना है। ब्लूमबर्ग द्वारा समीक्षा किए गए 14 सूत्रीय मसौदा ज्ञापन के अनुसार यह डील परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और आर्थिक पैकेज पर दो महीने की वार्ता की शुरुआत करेगी। प्रस्ताव में तत्काल शत्रुता समाप्ति, समुद्री मार्गों की बहाली और ईरानी तेल निर्यात पर राहत शामिल है। इसके बदले ईरान यह पुष्टि करेगा कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। हालांकि, यह मसौदा अभी अंतिम नहीं है और बैठक से पहले इसमें बदलाव किए जा सकते हैं।
तत्काल युद्धविराम और समुद्री मार्ग
मसौदे के अनुसार समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही सभी मोर्चों पर युद्ध की तत्काल और स्थायी समाप्ति की घोषणा होगी, जिसमें लेबनान सहित क्षेत्र शामिल हैं। Bloomberg द्वारा उद्धृत दस्तावेज में कहा गया है कि अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा और ईरानी जहाजों के संचालन में हस्तक्षेप नहीं करेगा। 30 दिनों के भीतर समुद्री यातायात को युद्ध-पूर्व स्तर पर लाने का लक्ष्य तय किया गया है। ईरान फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कमर्शियल शिपिंग को बहाल करने और तकनीकी बाधाएं और बारूदी सुरंगें हटाने के लिए प्रतिबद्ध होगा।
आर्थिक पैकेज और प्रतिबंधों में राहत
मसौदे में कम से कम 300 अरब डॉलर के विकास पैकेज का प्रस्ताव भी है, जिसे अमेरिकाऔर क्षेत्रीय साझेदार मिलकर तैयार करेंगे। समझौते के बाद अमेरिकी वित्त विभाग तुरंत छूट जारी कर सकता है, जिससे ईरान को कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और इससे संबंधित निर्यात की अनुमति मिलेगी। बैंकिंग और बीमा सेवाओं के साथ व्यापारिक सेवाओं पर भी राहत का प्रावधान किया गया है। प्रतिबंधों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद United Nations Security Council और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से जुड़े उपाय भी शामिल बताए गए हैं।
परमाणु वार्ता और 60 दिन की समयसीमा
ईरान दोहराएगा कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, जबकि संवर्धित यूरेनियम और अन्य परमाणु गतिविधियों पर अंतिम निर्णय आगे की वार्ता में होगा। 60 दिनों की अवधि में दोनों पक्ष अंतिम समझौते पर बातचीत करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है। वार्ता पूरी होने तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में बदलाव नहीं करेगा और अमेरिका अतिरिक्त प्रतिबंध और सैन्य विस्तार से परहेज करेगा। निगरानी तंत्र और अनुपालन ढांचा बाद के समझौते का हिस्सा होंगे।

