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IDBI Bank शेयर में 19% की तूफानी तेजी! जानिए क्या है ट्रिगर

IDBI Bank के शेयर में अचानक आई तेज तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। बाजार में एक ऐसी चर्चा जोर पकड़ रही है, जो आने वाले समय में बैंक के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। पढ़िए पूरी खबर।

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In Short

  • IDBI Bank के शेयर में कारोबार के दौरान करीब 19% की तेजी देखने को मिली, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम भी सामान्य से कई गुना अधिक रहा।
  • बाजार में चर्चा है कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में IDBI Bank के विनिवेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है।
  • मार्च तिमाही में बैंक ने 1,943 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, वहीं नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 17% बढ़ी।

आईडीबीआई बैंक के शेयरों में बुधवार को जोरदार खरीदारी देखने को मिली। बैंक का शेयर कारोबार के दौरान करीब 19% उछलकर 91.90 रुपये तक पहुंच गया।

हालांकि इस तेजी के पीछे कंपनी की ओर से कोई नया एक्सचेंज फाइलिंग या आधिकारिक घोषणा नहीं थी। लेकिन बाजार में यह चर्चा तेज रही कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में आईडीबीआई बैंक के विनिवेश (Disinvestment) की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।

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तेजी के साथ शेयर में भारी वॉल्यूम भी देखने को मिला। बीएसई पर दोपहर 1 बजे तक करीब 70.86 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जबकि पिछले दो हफ्तों का औसत केवल 7.63 लाख शेयर था। पिछले एक महीने में यह शेयर करीब 31% चढ़ चुका है।

विनिवेश की उम्मीदों ने बढ़ाया उत्साह

हाल के दिनों में सरकार ने कई PSU कंपनियों में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए हिस्सेदारी बेची है। इसी वजह से बाजार को उम्मीद है कि सरकार अब आईडीबीआई बैंक में भी विनिवेश कर सकती है। 

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा है। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में विनिवेश से 16,885.56 करोड़ रुपये और एसेट मॉनेटाइजेशन से 28,420.49 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी।

लगातार OFS से मिला संकेत

सरकार हाल में एनएलसी इंडिया, एनएचपीसी, कोल इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेच चुकी है। इन चार OFS के जरिए कुल 13,389 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए गए हैं। इसके अलावा जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का OFS भी जारी है।

इन डील के बाद निवेशकों को लग रहा है कि सरकार वित्त वर्ष 2027 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री को भी आगे बढ़ा सकती है।

सरकार के पास कितनी है हिस्सेदारी?

मार्च तिमाही के अंत तक आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी की संयुक्त हिस्सेदारी 94.71% थी। इसमें एलआईसी के पास 49.24% हिस्सेदारी शामिल है।

कैसा रहा था Q4 रिजल्ट?

आईडीबीआई बैंक ने मार्च तिमाही में 1,943 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह सालाना आधार पर 5% कम रहा, जबकि पिछली तिमाही की तुलना में मामूली बढ़त दर्ज की गई।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 17% बढ़कर 3,851 करोड़ रुपये रही। तिमाही के दौरान नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.15% रहा, जबकि रिटर्न ऑन एसेट (RoA) 1.75% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 14.35% दर्ज किया गया।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।