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डेटा सेंटर बनाओ, लेकिन पहले लोगों को पैसा दो! ट्रंप ने AI कंपनियों के सामने रखी नई शर्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्थानीय लोगों को आर्थिक फायदा देने और खुद बिजली पैदा करने की बात कही है। अमेरिका में डेटा सेंटर का विरोध क्यों बढ़ रहा है और ट्रंप के इस सुझाव से क्या बदलेगा?

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In Short

  • ट्रंप ने AI डेटा सेंटर कंपनियों से स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ देने को कहा।
  • बड़े डेटा सेंटर को अपनी बिजली खुद पैदा करने की सलाह दी।
  • अमेरिका में बिजली खर्च और पर्यावरण को लेकर डेटा सेंटर का विरोध बढ़ा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक कंपनियों और AI डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों को बड़ी सलाह दी है। ट्रंप का कहना है कि कंपनियों को उन इलाकों के लोगों को आर्थिक फायदा देना चाहिए, जहां वे अपने डेटा सेंटर बना रही हैं। इससे स्थानीय लोगों का विरोध कम होगा और अमेरिका में नए डेटा सेंटर बनाने का काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

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डेटा सेंटर के बदले लोगों को मिले पैसा

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर कंपनियां चाहती हैं कि उनके डेटा सेंटर को लोग पसंद करें, तो उन्हें स्थानीय समुदाय या वहां रहने वाले लोगों को डिविडेंड यानी आर्थिक लाभ देना चाहिए।

ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने कई ऐसे मामले देखे हैं जहां शुरुआत में लोग डेटा सेंटर बनाने का कड़ा विरोध कर रहे थे, लेकिन आर्थिक समझौता होने के बाद उनका रुख बदल गया। उन्होंने कंपनियों से कहा कि वे स्थानीय लोगों के साथ समझौता करें और डेटा सेंटर का निर्माण आगे बढ़ाएं।

डेटा सेंटर को खुद बनानी होगी बिजली

ट्रंप ने बड़े डेटा सेंटर की बिजली जरूरतों को लेकर भी अहम बात कही है। उनका कहना है कि नए और बड़े डेटा सेंटर को अपनी बिजली खुद पैदा करनी चाहिए, ताकि स्थानीय बिजली ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

ट्रंप के मुताबिक, अगर कंपनियां जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा करती हैं, तो उसे स्थानीय समुदाय या बिजली ग्रिड को बेच सकती हैं। इससे आम लोगों के बिजली बिल बढ़ने के बजाय कम भी हो सकते हैं।

अमेरिका में क्यों हो रहा डेटा सेंटर का विरोध?

अमेरिका में AI डेटा सेंटर के तेजी से विस्तार को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है। प्यू रिसर्च सेंटर के 10,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है।

सर्वे के मुताबिक, 54 फीसदी अमेरिकी डेटा सेंटर को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक मानते हैं, जबकि साल की शुरुआत में यह आंकड़ा 39 फीसदी था।

वहीं, 50 फीसदी लोगों का मानना है कि डेटा सेंटर से घरेलू बिजली का खर्च बढ़ता है। करीब 49 फीसदी लोगों ने कहा कि इससे आसपास रहने वालों की जिंदगी प्रभावित होती है।

कई राज्यों में डेटा सेंटर पर सख्ती

न्यूयॉर्क में 50 मेगावाट या उससे ज्यादा बिजली की जरूरत वाले डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के निर्माण पर एक साल की रोक लगाई गई है।

वहीं, टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता को लेकर चिंता के बीच करीब 1,800 प्रस्तावित डेटा सेंटर की मंजूरी रोक दी है।

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टेक कंपनियों पर बढ़ सकता है खर्च

ट्रंप ने फिलहाल यह साफ नहीं किया है कि कंपनियों को स्थानीय लोगों को कितना पैसा देना होगा या इसके लिए क्या कानूनी नियम होंगे।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी नेबियस के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर मार्क बोरोडित्स्की ने सामुदायिक निवेश पर बातचीत के लिए सहमति जताई है।

दूसरी तरफ निवेशक इस बात का आकलन कर रहे हैं कि नए नियमों और स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ देने से डेटा सेंटर बनाने की लागत कितनी बढ़ सकती है।