
4 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी छोड़ेंगे टिम कुक! जानिए नए सीईओ जॉन टर्नस के सामने कौन-कौन सी होंगी चुनौतियां
Tim Cook 1 सितंबर 2026 को Apple के CEO पद से हट रहे हैं और John Ternus कमान संभालेंगे। नई लीडरशिप को AI, सप्लाई चेन, बढ़ती लागत और नए प्रोडक्ट्स जैसी चुनौतियों से जूझना होगा। Cook के बाद Apple की अगली ग्रोथ स्टोरी कैसी होगी, इस पर नजर रहेगी।

In Short
- Tim Cook 1 सितंबर 2026 को Apple के CEO पद से हटेंगे और Executive Chairman की भूमिका संभालेंगे।
- John Ternus नए CEO बनेंगे, जिनके सामने AI, सप्लाई चेन और बढ़ती कंपोनेंट लागत जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी
- Cook के कार्यकाल में Apple की वैल्यू करीब 350 अरब डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो गई।
एप्पल के सीईओ टिम कुक 1 सितंबर 2026 को पद छोड़ देंगे। करीब 15 साल तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद वह Executive Chairman की भूमिका संभालेंगे। उनकी जगह कंपनी में लंबे समय से हार्डवेयर इंजीनियरिंग चीफ रहे जॉन टर्नस (John Ternus) कंपनी के नए सीईओ बनेंगे।
टिम कुक के दौर में एप्पल की वैल्यू करीब 350 अरब डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो गई। अब टर्नस को एक मजबूत कंपनी तो मिलेगी, लेकिन उनके सामने AI, बढ़ती कंपोनेंट लागत, मेमोरी की कमी और बदलती ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग जैसी चुनौतियां होंगी।
कुक ने कंपनी को बनाया ऑपरेशनल पावरहाउस
बिजनेस टुडे ने अपनी रिपोर्ट में काउंटरप्वाइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के हवाले से बताया कि टिम कुक के कार्यकाल में एप्पल का रेवेन्यू चार गुना हुआ।

कंपनी ने iPhone के बाहर Apple Watch और AirPods जैसे प्रोडक्ट बनाए, जबकि App Store, iCloud, Apple Pay और Apple Music वाले सर्विसेज बिजनेस सालाना 100 अरब डॉलर से ज्यादा का हो गया। तरुण पाठक ने कहा कि कुक की बड़ी ताकत सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ऑपरेशनल अनुशासन और मार्जिन बचाए रखने की क्षमता रही।
टर्नस के सामने AI की सबसे बड़ी चुनौती
जॉन टर्नस करीब दो दशक से कंपनी के साथ हैं और iPhone, iPad और Mac की इंजीनियरिंग से जुड़े रहे हैं। साइबरमीडिया रिसर्च के प्रभु राम का मानना है कि उनके नेतृत्व में एप्पल हार्डवेयर, सिलिकॉन और AI आधारित प्रोडक्ट एक्सपीरियंस पर ज्यादा जोर दे सकता है।
Apple सितंबर 2026 में iPhone 18 Pro मॉडल, पहला फोलडेबल iPhone और Siri का नया वर्जन पेश करने की तैयारी में है। टर्नस के लिए चुनौती होगी कि AI सिर्फ एक फीचर न रहे, बल्कि यूजर्स को नया डिवाइस खरीदने की ठोस वजह दे।
सप्लाई चेन और मार्जिन पर भी नजर
टर्नस को बढ़ती मेमोरी और स्टोरेज लागत से भी निपटना होगा। साथ ही Apple चीन पर मैन्युफैक्चरिंग निर्भरता घटाकर भारत समेत दूसरे देशों में उत्पादन बढ़ा रहा है। काउंटरप्वाइंट के मुताबिक, 2026 में भारत वैश्विक iPhone उत्पादन का 26% हिस्सा संभाल सकता है। इसके साथ सर्विसेज बिजनेस भी अहम रहेगा, क्योंकि इनपुट के मुताबिक इसका मार्जिन 75% से ज्यादा है।

