
Tech Layoffs 2026: चंद दिनों में 6,300 से ज्यादा जॉब खत्म, Uber, PayPal और Apple ने घटाई वर्कफोर्स
टेक सेक्टर में छंटनी का दौर फिर तेज हो गया है। कुछ ही दिनों में हजारों कर्मचारियों की नौकरियां चली गई हैं और कई बड़ी कंपनियां वर्कफोर्स घटा रही हैं। AI, ऑटोमेशन और लागत कम करने की रणनीति के बीच आखिर किन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा और आगे तस्वीर कैसी है?

In Short
- 2026 में अब तक करीब 1.30 लाख कर्मचारियों की नौकरी गई, सिर्फ 10 दिनों में 6,300 से ज्यादा जॉब्स खत्म हुईं।
- Uber करीब 3,300 नौकरियां घटाने की तैयारी में है, जबकि PayPal में भी 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों पर असर पड़ा है।
- AI, ऑटोमेशन, लागत घटाने और बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग को टेक सेक्टर में बढ़ती छंटनी की बड़ी वजह माना जा रहा है।
टेक सेक्टर में नौकरियों पर दबाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। AI के बढ़ते इस्तेमाल, ऑटोमेशन और कंपनियों की रिस्ट्रक्चरिंग के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। Layoff.fyi के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक करीब 1.30 लाख कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। इनमें Amazon, Meta, Oracle जैसी बड़ी कंपनियों के कर्मचारी भी शामिल हैं।
चिंता की बात यह है कि पिछले सिर्फ 10 दिनों में ही 6,300 से ज्यादा नौकरियां खत्म हुई हैं। कंपनियां लागत घटाने और अपने कामकाज को ज्यादा कुशल बनाने के लिए लगातार वर्कफोर्स कम कर रही हैं।
Uber और PayPal में बड़ी छंटनी
हाल के दिनों में Uber ने अपनी ग्लोबल वर्कफोर्स में करीब 10 फीसदी कटौती करने की योजना बनाई है। इसके तहत लगभग 3,300 नौकरियां खत्म की जा सकती हैं। यह महामारी के बाद Uber की सबसे बड़ी छंटनी बताई जा रही है।
वहीं PayPal भी दुनियाभर में कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है। कंपनी में छंटनी का आंकड़ा 1,000 के पार पहुंच चुका है। भारत में भी PayPal ने अपने करीब 4 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी की है।
इस दौरान Chennai, Bangalore और Hyderabad में करीब 220 नौकरियां प्रभावित हुई हैं। टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, पेमेंट्स और फाइनेंस से जुड़ी कई टीमों पर इसका असर पड़ा है।

Apple और Zomato में भी गईं नौकरियां
Uber और PayPal के अलावा Apple और Zomato ने भी हाल में कर्मचारियों की संख्या घटाई है। दोनों कंपनियों में मिलाकर करीब 250 नौकरियों में कटौती की गई है।
इसके अलावा Oracle में भी छंटनी के एक और बड़े दौर की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि इस संभावित छंटनी का असर दुनियाभर में 7,000 से 8,000 कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
आखिर कंपनियां क्यों घटा रही हैं कर्मचारी?
टेक कंपनियों में छंटनी के पीछे एक बड़ी वजह AI और ऑटोमेशन का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल है। कंपनियां अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI अपना रही हैं, जिससे कुछ रिपीट होने वाले और एडमिनिस्ट्रेटिव कामों में कर्मचारियों की जरूरत कम हो रही है।
इसके अलावा कंपनियां AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में ज्यादा निवेश कर रही हैं। वहीं जिन भूमिकाओं को जरूरत से ज्यादा या दोहराव वाला माना जा रहा है, उनमें कटौती हो रही है।
धीमी बिजनेस ग्रोथ, मुनाफा बढ़ाने का दबाव, महामारी के दौरान ज्यादा भर्तियां, बिजनेस स्ट्रैटेजी में बदलाव और ऑपरेशंस को आसान बनाने की कोशिश भी छंटनी की बड़ी वजहों में शामिल हैं। कंपनियां अपने संसाधनों को उन क्षेत्रों में लगा रही हैं, जिन्हें वे आने वाले समय में अपनी प्रतिस्पर्धा के लिए ज्यादा जरूरी मानती हैं।

