होटल का फ्री WiFi पड़ सकता है भारी, Microsoft ने चेताया; पासवर्ड और फाइल तक चुरा सकते हैं हैकर्स
होटल का फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करते ही अगर स्क्रीन पर अपडेट या वेरिफिकेशन का मैसेज आए तो सावधान हो जाएं। माइक्रोसॉफ्ट ने ऐसे साइबर अटैक को लेकर चेतावनी दी है, जिसमें एक छोटी सी गलती आपके पासवर्ड, फाइल और कॉरपोरेट अकाउंट तक को खतरे में डाल सकती है।

In Short
- होटल और गेस्ट वाई-फाई नेटवर्क को निशाना बना रहा है कैप्टिवक्रंच साइबर अटैक कैंपेन
- फर्जी लॉगिन और अपडेट पेज के जरिए डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल कराया जा सकता है
- पासवर्ड, फाइल, सेशन टोकन और कॉरपोरेट अकाउंट तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं हैकर्स
ट्रैवल के दौरान होटल का फ्री वाई-फाई इंटरनेट चलाने का तरीका आसान लगता है, लेकिन यही सुविधा आपके डेटा के लिए खतरा बन सकती है। माइक्रोसॉफ्ट ने एक साइबर अटैक कैंपेन को लेकर चेतावनी दी है, जिसमें होटल और दूसरे गेस्ट वाई-फाई नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। इसके जरिए अटैकर्स यूजर्स के डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल करने से लेकर जरूरी डेटा चुराने तक की कोशिश कर सकते हैं। आइए जानते हैं यह अटैक कैसे काम करता है, किन यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा है और इससे बचने के लिए क्या सावधानी जरूरी है।
मई 2026 से चल रहा कैप्टिवक्रंच कैंपेन
माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट इंटेलिजेंस के मुताबिक, इस साइबर अटैक कैंपेन का नाम कैप्टिवक्रंच है और इसे मई 2026 की शुरुआत से देखा जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट ने इसे स्टॉर्म-2945 से जोड़ा है, जो रूस से जुड़े हैकिंग ग्रुप मिडनाइट ब्लिजार्ड का एक सबग्रुप है। इसे एपीटी29 या कोजी बेयर के नाम से भी जाना जाता है। यह कैंपेन दुनियाभर में होटल और दूसरे गेस्ट वाई-फाई नेटवर्क को निशाना बना रहा है। अटैकर्स की खास दिलचस्पी बिजनेस ट्रैवलर्स और उनके कॉरपोरेट अकाउंट्स में दिखाई दी है।
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वाई-फाई लॉगिन पेज को बनाया जा रहा हथियार
यह अटैक कैप्टिव पोर्टल का फायदा उठाता है। यह वही लॉगिन या वेरिफिकेशन पेज होता है, जो होटल के वाई-फाई से कनेक्ट करते समय स्क्रीन पर दिखाई देता है। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, स्टॉर्म-2945 ऐसे नेटवर्क के डीएनएस और एचटीटीपी ट्रैफिक में बदलाव कर यूजर्स को नुकसान पहुंचाने वाली वेबसाइट्स पर रीडायरेक्ट कर सकता है।
फर्जी अपडेट दिखाकर डाउनलोड कराया जा सकता है मालवेयर
रीडायरेक्ट होने के बाद यूजर को फर्जी विंडोज, ब्राउजर या सिक्योरिटी प्रॉम्प्ट दिखाई दे सकता है। इसमें सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल करने, वेरिफिकेशन पूरा करने या नेटवर्क की समस्या ठीक करने के लिए कुछ डाउनलोड करने को कहा जा सकता है। कुछ पेज असली विंडोज अपडेट या गूगल वेरिफिकेशन स्क्रीन जैसे दिख सकते हैं। एंड्रॉयड यूजर्स को एपीके फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए भी कहा जा सकता है।
कॉरपोरेट अकाउंट भी आ सकते हैं निशाने पर
माइक्रोसॉफ्ट ने इस कैंपेन में डिवाइस-कोड फिशिंग की भी पहचान की है। इसके जरिए यूजर को धोखे से अटैकर के कंट्रोल वाले सेशन को ऑथेंटिकेट करने के लिए तैयार किया जा सकता है। ऐसा होने पर अटैकर को कॉरपोरेट अकाउंट तक एक्सेस मिलने का खतरा हो सकता है।
फाइल से पासवर्ड तक चुरा सकते हैं मालवेयर
इस कैंपेन में माइक्रोसॉफ्ट ने कॉर्नफ्लेक और चोकोशेल जैसे मालवेयर की पहचान की है। कॉर्नफ्लेक एक विंडोज रिमोट-एक्सेस ट्रोजन है, जो फाइल और क्रेडेंशियल्स चुरा सकता है, की-स्ट्रोक और सेशन टोकन जुटा सकता है और स्क्रीनशॉट ले सकता है। यह ऑडियो और वीडियो सर्विलांस भी कर सकता है। वहीं, चोकोशेल को मुख्य रूप से ब्राउजर सेशन कुकीज, सेव किए गए पासवर्ड, माइक्रोसॉफ्ट 365 सिंगल साइन-ऑन टोकन और वाई-फाई क्रेडेंशियल्स चुराने के लिए डिजाइन किया गया है।
फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करते समय ऐसे रहें सुरक्षित
माइक्रोसॉफ्ट की सलाह है कि होटल, एयरपोर्ट, कॉन्फ्रेंस और दूसरे पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क को भरोसेमंद न मानें। जहां संभव हो वहां मोबाइल हॉटस्पॉट, ई-सिम या दूसरे प्राइवेट कनेक्शन का इस्तेमाल करें। वाई-फाई लॉगिन पेज से किसी सॉफ्टवेयर, सर्टिफिकेट या सिक्योरिटी टूल को डाउनलोड न करें। किसी भी अपडेट को हमेशा ऑपरेटिंग सिस्टम या ऐप के ऑफिशियल अपडेट सिस्टम के जरिए ही इंस्टॉल करें।

