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माइक्रोसॉफ्ट ने कोपायलट और माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट को एक ऐप में मिलाया, जानिए क्या बदलेगा

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कोपायलट अनुभव को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर ली है। कंपनी अब कोपायलट और माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट को एक ऐप में ला रही है। इस बदलाव से यूजर्स को एआई टूल्स, ऑफिस सर्विस और डेटा एक्सेस करने का आसान तरीका मिलेगा।

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In Short

  • माइक्रोसॉफ्ट ने कोपायलट और माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट को एक ही ऐप में जोड़ दिया है।
  • यूजर्स को अब एआई टूल्स और माइक्रोसॉफ्ट 365 सर्विस के लिए अलग-अलग ऐप इस्तेमाल नहीं करने होंगे।
  • नया कोपायलट ऐप मोबाइल पर जारी होना शुरू हो गया है और डेस्कटॉप वर्जन सितंबर में आएगा।

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने दो अलग-अलग एआई प्लेटफॉर्म कोपायलट और माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट को एक ही ऐप में जोड़ने का फैसला किया है। अब यूजर्स को एआई टूल्स, माइक्रोसॉफ्ट 365 सर्विस और अपने डेटा तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ऐप इस्तेमाल नहीं करने पड़ेंगे। कंपनी ने इस नए एकीकृत अनुभव को धीरे-धीरे जारी करना शुरू कर दिया है, जिसमें निजी और काम या स्कूल अकाउंट को एक ही जगह से इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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इस बदलाव के बाद कोपायलट का इस्तेमाल और आसान हो जाएगा, क्योंकि एक ही ऐप में निजी मदद से लेकर काम से जुड़े फीचर्स तक मिलेंगे।

एक ही ऐप से मिलेंगे एआई टूल्स और माइक्रोसॉफ्ट 365 सर्विस

नई कोपायलट ऐप में यूजर्स रोजमर्रा के सवालों के जवाब लेने के साथ माइक्रोसॉफ्ट 365 के टूल्स भी इस्तेमाल कर पाएंगे। इसमें वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट और आउटलुक जैसी सर्विस के साथ आसानी से काम किया जा सकेगा। पहले यूजर्स को अलग-अलग कोपायलट ऐप के बीच स्विच करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि ऐप को एक करने का मतलब निजी और प्रोफेशनल डेटा को मिलाना नहीं है। यूजर्स की निजी जानकारी और काम से जुड़ा डेटा अलग-अलग ही सुरक्षित रहेगा।

दो कोपायलट ऐप की परेशानी होगी खत्म

माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि एक जैसे नाम वाले दो अलग-अलग कोपायलट ऐप होने से यूजर्स को कई बार समझ नहीं आता था कि किस ऐप का इस्तेमाल करना है। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए कंपनी एक ही कोपायलट अनुभव तैयार कर रही है।

कंपनी ने यह भी बताया है कि पुराने कोपायलट डेटा को नए ऐप में अपने आप ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसमें चैट और दूसरी जरूरी जानकारी शामिल होगी। यूजर्स को अपना डेटा सुरक्षित रखने के लिए कोई अलग कदम उठाने की जरूरत नहीं होगी।

भविष्य में बड़ा एआई प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी

माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक यह बदलाव उसकी बड़ी कोपायलट रणनीति की शुरुआत है। कंपनी आगे चलकर इसी प्लेटफॉर्म पर चैट, एआई कोडिंग टूल्स और नए एआई एजेंट्स जैसी सुविधाएं जोड़ने की तैयारी कर रही है।

इसका मकसद कोपायलट को सिर्फ एक चैट टूल नहीं बल्कि रोजमर्रा के काम, ऑफिस प्रोडक्टिविटी और माइक्रोसॉफ्ट 365 सर्विस के लिए एक सिंगल एआई गेटवे बनाना है।

मोबाइल पर शुरू हुआ रोलआउट

नया एकीकृत कोपायलट ऐप सबसे पहले मोबाइल डिवाइस पर जारी किया जा रहा है। इसका दुनिया भर में रोलआउट आज से शुरू हो गया है। हालांकि सभी यूजर्स को यह बदलाव तुरंत नहीं दिखेगा, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट इसे चरणों में जारी कर रहा है।

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विंडोज और मैकओएस के लिए नया एकीकृत डेस्कटॉप अनुभव सितंबर के मध्य से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचने की उम्मीद है।

कुछ पुराने फीचर्स होंगे बंद

इस बदलाव के साथ माइक्रोसॉफ्ट कुछ पुराने उपभोक्ता फीचर्स को बंद भी कर रहा है। कंपनी 18 अगस्त 2026 से ग्रुप चैट्स, डीप रिसर्च और पॉडकास्ट जैसे फीचर्स को हटाना शुरू करेगी।

माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य साफ है कि यूजर्स को अलग-अलग ऐप्स के बजाय एक ऐसा कोपायलट प्लेटफॉर्म मिले, जहां वे अपने निजी काम, ऑफिस से जुड़े टास्क और एआई फीचर्स को आसानी से इस्तेमाल कर सकें।