
मार्क जुकरबर्ग का नया AI एजेंट Muse बना लोगों की पसंद! Amazon ने क्यों किया ब्लॉक और Shopify ने क्यों मिलाया हाथ?
मार्क जुकरबर्ग का नया AI एजेंट Muse तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह यूजर्स की ओर से ईमेल भेजने, टिकट बुक करने और ऑनलाइन शॉपिंग जैसे काम कर सकता है। लेकिन इन सुविधाओं के लिए इसे निजी अकाउंट्स तक पहुंच देनी पड़ती है। ऐसे में इसकी सुरक्षा और प्राइवेसी पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए Muse कैसे काम करता है और इससे जुड़ी चिंताएं क्या हैं।

In Short
- Meta Muse ईमेल भेजने, टिकट बुक करने और ऑनलाइन शॉपिंग जैसे काम कर सकता है।
- Muse की बढ़ती लोकप्रियता के बीच यूजर्स के निजी डेटा की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।
- Amazon ने Muse को ब्लॉक किया, जबकि Shopify ने मेटा के साथ साझेदारी की है।
मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग का नया AI एजेंट Muse इन दिनों चर्चा में है। यह ईमेल भेजना, फ्लाइट टिकट बुक करना और ऑनलाइन शॉपिंग जैसे काम यूजर की ओर से कर सकता है। लॉन्च के करीब दो हफ्तों में यह अमेरिका के ऐप स्टोर पर नंबर वन फ्री ऐप बन गया। हालांकि, इसकी बढ़ती लोकप्रियता के साथ यूजर्स के निजी डेटा और साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
क्या है Meta Muse और कैसे करता है काम?
मेटा ने 8 सितंबर को Muse लॉन्च किया था। ज़ूकरबर्ग के मुताबिक, यह यूज़र के लक्ष्य समझकर उनके काम पूरे करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर सकता है। सामान्य चैटबॉट से अलग, Muse को निर्देश देने के बाद यह बैकग्राउंड में भी काम जारी रख सकता है।
Muse ईमेल भेज सकता है, कैलेंडर संभाल सकता है, फ्लाइट टिकट बुक कर सकता है और ऑनलाइन खरीदारी कर सकता है। इसके लिए इसे ईमेल, कैलेंडर, पेमेंट प्लेटफॉर्म और दूसरे ऐप्स से जोड़ना पड़ता है।
यह मेटा के Muse Spark AI मॉडल पर काम करता है, जिसे एलेक्जेंडर वांग की अगुवाई वाली Superintelligence Labs ने विकसित किया है। Muse का फ्री वर्जन उपलब्ध है। इसके पेड प्लान की कीमत 20 डॉलर और 100 डॉलर प्रति महीना है।
क्या Muse को OpenClaw से कॉपी किया गया?
Muse के लॉन्च के बाद इसकी तुलना ओपन-सोर्स AI एजेंट प्लेटफॉर्म OpenClaw से होने लगी। इस पर OpenClaw के निर्माता पीटर स्टाइनबर्गर ने X पर स्पष्ट किया कि मेटा ने अपना एजेंट खुद बनाया है, हालांकि वह OpenClaw से प्रेरित है।

इसके बाद एलेक्जेंडर वांग ने भी X पर सितंबर 2025 का एक दस्तावेज़ का स्क्रीनशॉट शेयर किया। उनके मुताबिक, उनकी टीम उस समय से पर्सनल AI एजेंट बनाने की योजना पर काम कर रही थी।

लॉन्च के बाद तेजी से बढ़ी लोकप्रियता
Muse फिलहाल अमेरिका में वयस्क यूजर्स के लिए अलग ऐप और WhatsApp पर उपलब्ध है। यूज़र अपना AI अवतार चुन सकते हैं और ज़रूरत के मुताबिक ऐप्स को इससे जोड़ सकते हैं। Facebook, Instagram और Threads से जानकारी ट्रांसफर करने का विकल्प भी मिलता है।
Sensor Tower के मुताबिक, 8 सितंबर को लॉन्च होने के करीब पांच दिनों में Muse को 7.30 लाख बार डाउनलोड किया गया। शुरुआती 13 दिनों में इसके डाउनलोड Claude के 4 लाख और Grok के 2 लाख डाउनलोड से अधिक रहे, लेकिन इसी अवधि में ChatGPT के 31 लाख डाउनलोड से कम थे।
Muse के लॉन्च के बाद सोमवार को मेटा के शेयरों में 11 फीसदी से ज्यादा तेजी दर्ज की गई। निवेश फर्म Evercore ISI ने भी Muse की शुरुआती लोकप्रियता पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
निजी डेटा को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
Muse को काम करने के लिए यूजर के ईमेल और दूसरे निजी अकाउंट्स तक पहुंच चाहिए। इसी वजह से डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
जुकरबर्ग का कहना है कि यूजर का डेटा और लॉगिन संबंधी जानकारी Muse Secure VM नाम के अलग कंप्यूटिंग वातावरण में रखी जाती है। मेटा के मुताबिक, यूजर तय कर सकते हैं कि Muse किन ऐप्स को एक्सेस करे और जरूरत पड़ने पर अनुमति वापस भी ले सकते हैं।
हालांकि, Wired की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक टेस्ट के दौरान Muse ने बार-बार अधिक निजी जानकारी और वित्तीय डेटा तक पहुंच देने का सुझाव दिया। मेटा का कहना है कि AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटा से पहचान संबंधी जानकारी हटाई जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं की गई है।
macOS ऐप में सुरक्षा खामी की रिपोर्ट
Ars Technica की रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्योरिटी रिसर्चर पैट्रिक वार्डल ने Muse के macOS ऐप में एक खामी का पता लगाया। उनके अनुसार, किसी स्थानीय ऐप या टर्मिनल कमांड के जरिए कुछ सेटिंग्स बदलकर यूजर का ऑथेंटिकेशन टोकन हासिल किया जा सकता था। इससे हमलावर को AI एजेंट पर नियंत्रण मिलने का खतरा हो सकता था।
Amazon ने रोका, Shopify ने मिलाया हाथ
Muse को लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों का रुख भी अलग-अलग है। Amazon ने प्राइवेसी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए Muse को अपनी शॉपिंग साइट पर ब्लॉक कर दिया है। कंपनी ने आरोप लगाया कि Muse उसकी अनुमति के बिना ग्राहक अकाउंट से जुड़ा डेटा एक्सेस करता है।
दूसरी ओर, Shopify मेटा के साथ मिलकर अपने स्टोर्स में AI एजेंट के जरिए चेकआउट की सुविधा उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।

