scorecardresearch

AI से भारत में नौकरियां खत्म नहीं, बल्कि बढ़ीं! Nomura रिपोर्ट में भर्ती ने छंटनी को छोड़ा पीछे

ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक जापानी वित्तीय सेवा कंपनी Nomura Holdings ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि फिलहाल देश में AI से जुड़ी नई नौकरियों की संख्या, AI की वजह से खत्म हुई नौकरियों से कहीं ज्यादा है।

Advertisement
AI Generated Image

In Short

  • AI से नई नौकरियां छंटनी से ज्यादा, भारत में 83,100 लोगों की हुई भर्ती
  • Nomura रिपोर्ट: AI रोजगार के असर का सबसे बड़ा टेस्ट केस बना भारत
  • एंट्री-लेवल नौकरियों पर दबाव, AI स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत रोजगार पर इसके असर का सबसे बड़ा टेस्ट केस बनकर उभरा है। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक जापानी वित्तीय सेवा कंपनी Nomura Holdings ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि फिलहाल देश में AI से जुड़ी नई नौकरियों की संख्या, AI की वजह से खत्म हुई नौकरियों से कहीं ज्यादा है।

advertisement

AI हायरिंग ने छंटनी को छोड़ा पीछे

शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से अगस्त 2026 के बीच भारत में AI से जुड़े 83,100 लोगों की भर्ती हुई। वहीं इसी अवधि में AI के कारण 31,921 कर्मचारियों की छंटनी या नौकरी छोड़ने के मामले दर्ज किए गए।

Nomura के अर्थशास्त्रियों सोनल वर्मा और सी यिंग टोह ने एशिया के 69 मामलों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का बड़ा आईटी और बैक-ऑफिस सेक्टर इसे AI के रोजगार प्रभाव का आकलन करने के लिए "ग्राउंड जीरो" बनाता है।

किन नौकरियों पर सबसे ज्यादा असर?

रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर छंटनी सपोर्ट टीमों में हुई, जहां चैटबॉट्स ने कई भूमिकाओं की जगह ले ली। दूसरी ओर, AI की बढ़ती मांग को देखते हुए आईटी सर्विसेज कंपनियों ने बड़ी संख्या में नए ग्रेजुएट्स की भर्ती की।

Nomura का कहना है कि भारत और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में AI दो स्तर वाला श्रम बाजार बना रहा है। इससे एंट्री-लेवल कर्मचारियों की मांग घट रही है, जबकि ऐसे अनुभवी पेशेवरों की जरूरत बढ़ रही है जिन्हें तकनीक के साथ-साथ कारोबार की अच्छी समझ हो।

एशिया में भी हायरिंग का पलड़ा भारी

रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन अवधि में एशिया में AI से जुड़ी 1.30 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा हुईं। इनमें 90 फीसदी से अधिक पद टेक्नोलॉजी सेक्टर में थे। इसके मुकाबले करीब 60,654 नौकरियां खत्म हुईं, जिनमें लगभग 60 फीसदी वित्तीय सेवा क्षेत्र से थीं।

Nomura का मानना है कि शुरुआती दौर में AI को लेकर बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म होने की आशंका सही साबित होती नहीं दिख रही है। फिलहाल नई नौकरियां, खत्म हो रही नौकरियों की भरपाई से अधिक हैं। हालांकि रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि कुल आंकड़ों के पीछे रोजगार का असमान असर छिपा है, क्योंकि जिन कर्मचारियों की नौकरियां जा रही हैं, वे आसानी से AI इंजीनियरिंग जैसी नई भूमिकाओं में नहीं पहुंच पाते।

साथ ही, Nomura ने स्पष्ट किया कि यह विश्लेषण समाचार रिपोर्टों पर आधारित है और इसका उद्देश्य व्यापक रुझानों को दिखाना है, न कि रोजगार के अंतिम या आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत करना।

advertisement