सिक्योरिटी में बड़ी चूक के बाद eMudhra का बड़ा फैसला, ग्लोबल SSL/TLS सर्टिफिकेट बिजनेस से होगी बाहर!
ईमुध्रा ने एक बड़े सिक्योरिटी मामले के बाद अपने ग्लोबल वेबसाइट सर्टिफिकेट बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला किया है। इस मामले में आठ सिक्योरिटी सर्टिफिकेट की कमजोर प्राइवेट की सामने आई थीं। कंपनी ने प्रभावित सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं। हालांकि, उसके दूसरे डिजिटल सिग्नेचर और ई-साइन कारोबार पर क्या असर पड़ेगा?

In Short
- ईमुध्रा 22 अक्टूबर को बोर्ड के फैसले के बाद ग्लोबल एसएसएल/टीएलएस सर्टिफिकेट बिजनेस से बाहर होगी।
- आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट की प्राइवेट की कमजोर मिलने पर गूगल मोजिला और एप्पल ने इन्हें ब्लॉक किया।
- कंपनी के मुताबिक भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और ई-साइन सेवाएं इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगी।
बेंगलुरु की कंपनी eMudhra ने सिक्योरिटी से जुड़ी एक बड़ी चूक सामने आने के बाद अपने ग्लोबल वेबसाइट सर्टिफिकेट बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला किया है। कंपनी के आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट की प्राइवेट की कमजोर पाई गई थीं, जिससे वेबसाइट की सुरक्षा पर सवाल उठे। इस मामले के बाद कंपनी के बोर्ड ने कारोबार से बाहर निकलने का फैसला लिया है।
22 अक्टूबर को बोर्ड ने लिया फैसला
eMudhra के चेयरमैन वी श्रीनिवासन के मुताबिक, कंपनी ने समस्या का पता चलने के 14 घंटे के भीतर प्रभावित सर्टिफिकेट अथॉरिटी को रद्द कर दिया था। यह कारोबार कंपनी की ग्लोबल कमाई में करीब 1% का योगदान देता है। श्रीनिवासन ने बताया कि इस मामले के बाद बढ़ी जांच और निगरानी ने भी बोर्ड के फैसले को प्रभावित किया।
17 अक्टूबर को सामने आई थी गड़बड़ी
यह मामला 17 अक्टूबर को सामने आया, जब वेन नाम के एक रिसर्चर ने बताया कि eMudhra के आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट की प्राइवेट की से जुड़ी सुरक्षा में गड़बड़ी थी। ये सर्टिफिकेट 30 अप्रैल 2025 को एक की-जनरेशन प्रक्रिया के दौरान बनाए गए थे। कंपनी के मुताबिक, सिस्टम ने मजबूत की के साथ दो दूसरे सेट भी बनाए थे। इनमें एक कमजोर सेट शामिल था, जिसे बाद में ब्राउजर की ट्रस्ट लिस्ट में भी शामिल कर लिया गया।
गूगल ने कमजोर रैंडमनेस को बताया वजह
गूगल के मुताबिक, इन आठ सर्टिफिकेट की प्राइवेट की बनाते समय पर्याप्त रैंडमनेस यानी अनिश्चितता का इस्तेमाल नहीं हुआ था। इस वजह से इन की को पहचानना या रिकवर करना बेहद आसान हो गया था। कंपनी ने बताया कि की बनाने के लिए सर्टिफाइड हार्डवेयर सिक्योरिटी मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इस कमजोरी की असली वजह की जांच अभी जारी है।
फर्जी वेबसाइट सर्टिफिकेट जारी होने का था खतरा
एसएसएल/टीएलएस सर्टिफिकेट ब्राउजर को यह जांचने में मदद करते हैं कि कोई वेबसाइट असली है या नहीं। ये वेबसाइट और यूजर के बीच डेटा को एन्क्रिप्ट करने में भी मदद करते हैं। अगर किसी सर्टिफिकेट अथॉरिटी की प्राइवेट की गलत हाथों में चली जाए, तो उसका इस्तेमाल फर्जी एचटीटीपीएस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए किया जा सकता है। इससे हमलावर किसी असली वेबसाइट की नकल कर सकते हैं। गूगल, मोजिला और एप्पल ने प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक कर दिया, जबकि eMudhra ने सभी आठ सर्टिफिकेट रद्द कर दिए।
18 महीने तक पकड़ में नहीं आई कमजोरी
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कमजोरी करीब 18 महीने तक पकड़ में नहीं आई। इस दौरान दो स्वतंत्र ऑडिट भी हुए थे। अब कंपनी जांच कर रही है कि सुरक्षा से जुड़ी यह कमी ऑडिट के दौरान सामने क्यों नहीं आ सकी।
ग्राहकों को मुफ्त में मिलेंगे नए सर्टिफिकेट
eMudhra ब्राउजर कंपनियों और ग्राहकों के साथ मिलकर बदलाव की प्रक्रिया पूरी करेगी। कंपनी अपने पार्टनर्स के जरिए प्रभावित ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नए सर्टिफिकेट देगी। जब तक जारी सर्टिफिकेट की अवधि खत्म नहीं होती या उन्हें बदला नहीं जाता, तब तक कंपनी सर्टिफिकेट का स्टेटस जांचने और उन्हें रद्द करने से जुड़ी सेवाएं जारी रखेगी।
डिजिटल सिग्नेचर और ई-साइन सेवाओं पर असर नहीं
eMudhra डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, ई-साइन सेवाओं और वेबसाइट ऑथेंटिकेशन के साथ कोड-साइनिंग सर्टिफिकेट का कारोबार करती है। वेबसाइट और कोड सर्टिफिकेट का कारोबार emSign ब्रांड के तहत चलता है। कंपनी भारत के आईटी एक्ट के तहत लाइसेंस प्राप्त सर्टिफाइंग अथॉरिटी है और 60 मिलियन से ज्यादा डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करने का दावा करती है। कंपनी के मुताबिक, भारतीय डिजिटल सिग्नेचर, ई-साइन और दूसरी एंटरप्राइज सेवाएं इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगी।

