
क्लॉड में आया बड़ा मेमोरी अपडेट, अब एक बार बताई बात बार-बार नहीं करनी होगी रिपीट
एंथ्रोपिक ने क्लॉड के मेमोरी सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब क्लॉड चैट और कोवर्क के बीच सेव जानकारी शेयर हो सकेगी जिससे यूजर्स को एक ही प्रोजेक्ट की जानकारी बार बार देने की जरूरत कम होगी। कंपनी ने संवेदनशील जानकारी को लेकर यूजर कंट्रोल भी बढ़ाया है।

In Short
- क्लॉड चैट और कोवर्क अब एक दूसरे की मेमोरी का इस्तेमाल कर सकेंगे
- बातचीत के दौरान ही नई जानकारी मेमोरी में अपडेट हो सकेगी
- संवेदनशील जानकारी डिफॉल्ट रूप से सेव नहीं होगी और यूजर को ज्यादा कंट्रोल मिलेगा
एंथ्रोपिक ने अपने एआई असिस्टेंट क्लॉड के लिए नया मेमोरी अपडेट पेश किया है। इसका मकसद क्लॉड के अलग अलग इस्तेमाल के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। अब अगर यूजर किसी प्रोजेक्ट या काम से जुड़ी जानकारी क्लॉड चैट में शेयर करता है तो वही जानकारी क्लॉड कोवर्क में भी उपलब्ध हो सकेगी। इससे बार बार एक ही जानकारी दोबारा बताने की जरूरत कम होगी।
क्लॉड चैट और कोवर्क की मेमोरी हुई एक
एंथ्रोपिक ने 25 अगस्त को बताया कि क्लॉड चैट और क्लॉड कोवर्क के मेमोरी सिस्टम को अब आपस में जोड़ा जा रहा है। पहले दोनों एक्सपीरियंस अलग तरह से काम करते थे। यानी यूजर अगर चैट में किसी प्रोजेक्ट के बारे में लंबे समय तक चर्चा करता था तो कोवर्क में उसी काम को आगे बढ़ाने के लिए कई बार दोबारा जानकारी देनी पड़ती थी।
नए अपडेट के बाद क्लॉड को एक लगातार काम करने वाले असिस्टेंट की तरह इस्तेमाल करना आसान होगा।
प्रोजेक्ट की जानकारी दोबारा बताने की जरूरत कम
मान लीजिए यूजर ने क्लॉड के साथ किसी कॉन्फ्रेंस की योजना पर चर्चा की है। इसमें शहर मेहमानों की संख्या और स्पीकर्स जैसी जानकारी शामिल है। बाद में अगर कोवर्क से एजेंडा तैयार करने या मैनेजर के लिए अपडेट बनाने को कहा जाए तो वह पहले से सेव जानकारी का इस्तेमाल कर सकेगा।
इससे ब्रेनस्टॉर्मिंग से लेकर काम पूरा करने तक का प्रोसेस ज्यादा आसान हो सकता है।

बातचीत के दौरान ही अपडेट होगी मेमोरी
क्लॉड अब किसी चैट के खत्म होने का इंतजार किए बिना बातचीत के दौरान ही नई जानकारी अपनी मेमोरी में जोड़ सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि जरूरी जानकारी चैट और कोवर्क के बीच जल्दी उपलब्ध हो सकेगी।
यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है जो क्लॉड का इस्तेमाल रिसर्च प्लानिंग या बार बार किए जाने वाले कामों के लिए करते हैं।
संवेदनशील जानकारी पर यूजर का कंट्रोल
एंथ्रोपिक के मुताबिक क्लॉड डिफॉल्ट रूप से हेल्थ डेटा नस्ल जातीयता धार्मिक विश्वास राजनीतिक विचार और जेंडर आइडेंटिटी जैसी संवेदनशील जानकारी मेमोरी में सेव नहीं करेगा।
अगर यूजर चाहे तो “इन्क्लूड सेंसिटिव टॉपिक्स इन मेमोरी” विकल्प चालू कर सकता है। ऐसी स्थिति में क्लॉड जब भी कोई संवेदनशील जानकारी सेव करेगा तो यूजर को इसकी सूचना दी जाएगी।
कुछ जानकारी कभी सेव नहीं होगी
क्लॉड सरकारी पहचान पत्र सोशल सिक्योरिटी नंबर क्रिमिनल हिस्ट्री और इमिग्रेशन स्टेटस जैसी कुछ जानकारियों को मेमोरी में सेव नहीं करेगा।
यह मेमोरी फीचर फ्री प्रो और मैक्स यूजर्स के लिए वेब डेस्कटॉप और मोबाइल पर डिफॉल्ट रूप से उपलब्ध है। आईफोन और एंड्रॉयड यूजर्स को इसके लिए क्लॉड ऐप का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करना होगा।

