Apple की बड़ी चेतावनी! 110 देशों में iPhone यूजर्स को Pegasus जैसे खतरनाक स्पाइवेयर हमले का अलर्ट जारी
Apple ने 110 देशों में iPhone यूजर्स को खतरनाक मर्सिनरी स्पाइवेयर को लेकर अलर्ट किया है। कंपनी के मुताबिक, ये हमले बेहद चुनिंदा यूजर्स को निशाना बनाते हैं। ऐसे में Apple ने यूजर्स को खास सुरक्षा उपाय अपनाने और नकली अलर्ट से सावधान रहने की सलाह दी है।

Apple उन iPhone यूजर्स को चेतावनी दे रहा है, जिन्हें ‘मर्सिनरी स्पाइवेयर’ यानी पैसे लेकर किए जाने वाले खतरनाक स्पाइवेयर हमले का निशाना बनाया गया हो सकता है। कंपनी ने इस हफ्ते 110 देशों में यूजर्स को ऐसे खतरे से जुड़ी जानकारी और सुरक्षा के तरीके बताए हैं।
iPhone की लॉक स्क्रीन पर मिलेगा अलर्ट
Apple ने बीते 13 अगस्त को जारी अपने नए सपोर्ट नोट में बताया है कि उसके Threat Notifications उन लोगों की मदद के लिए हैं, जिन्हें ऐसे स्पाइवेयर हमलों में खास तौर पर निशाना बनाया गया हो सकता है।
अब इन चेतावनियों को सीधे iPhone की लॉक स्क्रीन और सेटिंग्स में भी दिखाया जा रहा है। इसके अलावा Apple यूजर के अकाउंट से जुड़े ईमेल पर भी इसकी जानकारी भेजता है। Apple अकाउंट में साइन इन करने के बाद अकाउंट पेज के ऊपर भी यह चेतावनी दिखाई देती है।
कंपनी का कहना है कि मर्सिनरी स्पाइवेयर हमले आम साइबर अपराधों से काफी अलग और ज्यादा जटिल होते हैं। ऐसे हमलों में लाखों डॉलर खर्च हो सकते हैं और आमतौर पर बहुत कम लोगों को निशाना बनाया जाता है। Apple का कहना है कि ज्यादातर लोगों को ऐसे हमले का सामना कभी नहीं करना पड़ेगा।
Pegasus जैसे स्पाइवेयर से किसे खतरा?
Apple के मुताबिक, सार्वजनिक रिपोर्ट और रिसर्च में ऐसे हमलों का संबंध सरकारी एजेंसियों और उनकी ओर से स्पाइवेयर बनाने वाली निजी कंपनियों से जोड़ा गया है।
कंपनी ने NSO Group के Pegasus स्पाइवेयर का उदाहरण दिया है। ऐसे स्पाइवेयर हमलों में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेताओं और राजनयिकों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट सामने आती रही हैं।
हालांकि, Apple का कहना है कि वह किसी यूजर को मिलने वाले खतरे के अलर्ट को किसी खास हमलावर या इलाके से सीधे नहीं जोड़ता।
Apple को कैसे पता चलता है कि iPhone निशाने पर है?
Apple का कहना है कि वह अपनी Threat Intelligence और जांच के जरिए ऐसे संकेतों को देखता है, जिनसे पता चल सके कि किसी iPhone को मर्सिनरी स्पाइवेयर से निशाना बनाया गया हो सकता है।
कंपनी ऐसे अलर्ट को High-Confidence Alert कहती है। हालांकि, Apple यह भी साफ करता है कि वह हर मामले में 100 फीसदी पक्का नहीं हो सकता।
Apple यह नहीं बताता कि अलर्ट भेजने से पहले वह किन चीजों की जांच करता है। कंपनी का कहना है कि अगर वह इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी बता दे, तो स्पाइवेयर बनाने वालों को अपने तरीके बदलने और पकड़े जाने से बचने में मदद मिल सकती है।
Apple के मुताबिक, वह 2021 से साल में कई बार ऐसे अलर्ट भेज रहा है और अब तक 150 से ज्यादा देशों में यूजर्स को इसकी जानकारी दे चुका है।
Apple ने Lockdown Mode इस्तेमाल करने को कहा
नए अलर्ट में यूजर को बताया जाता है कि Apple ने उसके iPhone को निशाना बनाने वाले मर्सिनरी स्पाइवेयर हमले का पता लगाया है। साथ ही कंपनी फोन और निजी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कुछ कदम उठाने की सलाह देती है।
Apple यूजर्स को Lockdown Mode चालू करने और जरूरत पड़ने पर किसी एक्सपर्ट की मदद लेने की सलाह देता है।
नकली Apple Alert से भी सावधान रहें
Apple ने यूजर्स को नकली स्पाइवेयर अलर्ट और स्कैम से भी सावधान रहने को कहा है। कंपनी का असली Threat Notification यूजर से किसी लिंक पर क्लिक करने, कोई फाइल खोलने, ऐप या प्रोफाइल इंस्टॉल करने या Apple अकाउंट का पासवर्ड और Verification Code शेयर करने के लिए नहीं कहता।
अगर किसी यूजर को ऐसा अलर्ट मिलता है और वह यह जांचना चाहता है कि वह असली है या नकली, तो Apple का कहना है कि ईमेल या मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक न करें। इसके बजाय सीधे account.apple.com पर जाकर अपने अकाउंट में साइन इन करें। अगर चेतावनी असली है, तो वह अकाउंट पेज के सबसे ऊपर दिखाई देगी।

