Apple vs OpenAI कानूनी लड़ाई तेज! ट्रेड सीक्रेट चोरी के आरोपों पर आमने सामने आईं दोनों कंपनियां
एपल और ओपनएआई के बीच ट्रेड सीक्रेट चोरी को लेकर कानूनी विवाद अब बड़ा मोड़ ले चुका है। ओपनएआई ने केस खत्म करने की मांग की थी जिसे एपल ने चुनौती दी है। दोनों कंपनियों के आरोप और दावे अब कोर्ट में जांच के दायरे में हैं।

In Short
- एपल ने ओपनएआई और दो पूर्व कर्मचारियों पर ट्रेड सीक्रेट चोरी के आरोप लगाए हैं।
- ओपनएआई ने केस खारिज करने की मांग की थी जिसे एपल ने कोर्ट में चुनौती दी है।
- जज एडवर्ड जे डाविला 1 अक्टूबर को दोनों कंपनियों की दलीलें सुनेंगे।
एपल और ओपनएआई के बीच चल रही कानूनी लड़ाई अब और ज्यादा बढ़ गई है। आईफोन बनाने वाली कंपनी ने ओपनएआई की उस अपील का विरोध किया है जिसमें उसने केस को खत्म करने की मांग की थी। एपल का कहना है कि ओपनएआई की दलीलें गलत जानकारी और अनुमान पर आधारित हैं।
एपल ने ओपनएआई पर लगाए ट्रेड सीक्रेट चोरी के आरोप
एपल ने जुलाई में ओपनएआई और उसके साथ काम कर रहे दो पूर्व कर्मचारियों चांग लियू और टैंग येव टैन पर ट्रेड सीक्रेट चोरी करने का आरोप लगाया था। एपल का दावा है कि इन पूर्व कर्मचारियों के पास कंपनी की गोपनीय जानकारी तक पहुंच थी और उन्होंने यह जानकारी ओपनएआई के साथ साझा की ताकि वह कंज्यूमर हार्डवेयर बिजनेस तैयार कर सके।
इसी मामले को लेकर अब दोनों बड़ी टेक कंपनियां कोर्ट में आमने सामने हैं और विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
ओपनएआई ने केस खत्म करने की मांग की थी
हाल ही में ओपनएआई ने कोर्ट से एपल की ओर से दायर मुकदमे को खारिज करने की अपील की थी। कंपनी का कहना था कि एपल ने केस दर्ज करने से पहले आरोपों की सही जांच नहीं की।
ओपनएआई ने कहा कि एपल यह साबित नहीं कर पाया है कि उसके पास ऐसा कोई सुरक्षित ट्रेड सीक्रेट है जिसका गलत इस्तेमाल किया गया हो। कंपनी ने यह भी कहा कि उसे एपल की गोपनीय जानकारी की जरूरत नहीं है और वह एपल से अलग एक नया प्रोडक्ट तैयार कर रही है।
एपल ने ओपनएआई की दलीलों को बताया गलत
एपल ने ओपनएआई की इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि उसकी दलीलें गलत तथ्यों और अनुमान पर आधारित हैं। कंपनी ने कोर्ट से ओपनएआई की अपील को खारिज करने की मांग की है।
एपल का आरोप है कि चांग लियू ने ओपनएआई से जुड़ने के बाद एपल के इंटरनल नेटवर्क स्टोरेज तक पहुंच बनाई और कई गोपनीय इंजीनियरिंग फाइलें डाउनलोड कीं। कंपनी के मुताबिक इन फाइलों में लॉजिक बोर्ड बनाने और टेस्टिंग से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी।
पूर्व कर्मचारियों पर भी एपल ने लगाए आरोप
एपल ने दूसरे पूर्व कर्मचारी टैंग येव टैन पर भी आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि टैन ने नौकरी के इंटरव्यू के दौरान एपल के इंटरनल प्रोजेक्ट कोडनेम का इस्तेमाल किया और ऐसे प्रोडक्ट्स से जुड़ी जानकारी पूछी जो अभी लॉन्च नहीं हुए थे।
एपल ने यह भी आरोप लगाया कि टैन ने एक कर्मचारी से ओपनएआई के लिए गोपनीय हार्डवेयर कंपोनेंट्स लाने को कहा था। हालांकि ओपनएआई ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
1 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले में आगे की सुनवाई जज एडवर्ड जे डाविला के सामने होगी। कोर्ट 1 अक्टूबर को दोनों कंपनियों की दलीलें सुनेगा। इसके बाद ही साफ होगा कि यह मामला किस दिशा में जाएगा और क्या एपल के आरोपों पर कोर्ट कोई बड़ा फैसला लेता है।

