
Tata Technologies अपने हाई से काफी टूट चुका है। क्या करें निवेशक?
कंपनी के शेयर 140 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। जहां शेयर की 500 रुपये की इश्यू वैल्यू तय हुई थी वो 1199 रुपये पर लिस्ट हुआ। उसके बाद भी ये स्टॉक रुका नहीं बल्कि इसके 52-wk high को देखें तो 1,400 रुपये के लेवल को भी इसने टच किया। लेकिन अब ये 52 वीक हाई से करीब-करीब 25 प्रतिशत टूट चुका है।

टाटा के एक ऐसा स्टॉक जो अपने 52 वीक हाई से करीब-करीब 25 प्रतिशत टूट चुका है। हम यहां बात कर रहे हैं टाटा टेक्नोलॉजीज की। आपको याद होगा जब इसका IPO आया तो जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। जिसका भी IPO में लॉट आया उसका जैकपॉट लग गया। कंपनी के शेयर 140 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए।

जहां शेयर की 500 रुपये की इश्यू वैल्यू तय हुई थी वो 1199 रुपये पर लिस्ट हुआ। उसके बाद भी ये स्टॉक रुका नहीं बल्कि इसके 52-wk high को देखें तो 1,400 रुपये के लेवल को भी इसने टच किया। लेकिन अब ये 52 वीक हाई से करीब-करीब 25 प्रतिशत टूट चुका है। तो करना क्या है? इसी से जुड़े 3 बड़े सवाल हैं, पहला - यकीनन वो निवेशक टेंशन में होंगे जिन्होंने ऊपर के भाव पर खरीदा है। तो क्या ये गिरावट और बढ़ेगी? दूसरा सवाल - यहां पर वो निवेशक होंगे जो सोच रहे होंगे कि जब टाटा टेक्नोलॉजीज का IPO आया था तभी प्रॉफिट बुकिंग कर लेने चाहिए थी, लेकिन अब ये ऊपर के प्राइस से काफी नीचे गिर गया है। तो क्या करें निवेशक? क्योंकि ऊपर जाता हुआ स्टॉक किसे अच्छा नहीं लगता है और अब यहां तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि क्या इस कंपनी में मौजूदा लेवल पर इस उम्मीद की साथ खरीदारी की जा सकती है कि ये वापस बाउंसबैक करेगा? तमाम सवालों के जवाब बिजनेस टुडे बाजार आपको देंगे, उससे पहले टाटा टेक्नोलॉजी की कुछ जरूरी बातें जान लीजिए ताकि फंडामेंटली आप स्थिति बेहतर तरीके से समझ में आ जाए।

आपको टाटा मोटर्स का दौर याद है कि एक ऐसा भी दौर था कि लंबे वक्त ये स्टॉक चल नहीं रहा था। बहुत सारी ब्रोकरेज रिपोर्ट्स ने स्टॉक को डाउनग्रेड किया था। लेकिन अब देखिए स्टॉक क्या धुआंधार भागा है। वैसे ही टाटा एलेक्सी को भी देख लीजिए ये स्टॉक करीब 50 प्रतिशत तक गिर चुका था, लेकिन इस स्टॉक ने वापस बाउंसबैक किया है। इसी तरह इस सवाल का जवाब जानना जरूी है कि क्या टाटा टक्नोलॉजी में वो कूबत है कि ये स्टॉक न सिर्फ वापस अपने 52 वीक हाई पर पहुंचेगा बल्कि 2000 के टारगेट को छुएगा? इसके लिए बिजनेस टुडे बाजार ने बात की Hensex Securities के AVP Research & BD Mahesh Ojha से बात की। उनका कहना है कि स्टॉक के फंडामेंटल मजबूत हैं। मौजूदा लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। शॉर्ट टर्म के हिसाब से देखें तो ये स्टॉक 1600 के लेवल्स पर भी जाना हुआ दिख सकता है। वहीं लॉन्ग टर्म में ये स्टॉक 2000 के लेवल को भी टच कर सकता है। इसमें निवेशकों को बने रहना चाहिए और इस गिरावट में खरीदारी करनी चाहिए। तो कंपनी की बात की जाए तो टक्नोलॉजी के आधार पर ऑटो सेगमेंट में 86 प्रतिशत वहीं नॉन ऑटो सगमेंट में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 35 प्रतिशत बिजनेस भारत से आता है। वहीं ब्रिटेन में बिजनेस 22 प्रतिशत, नॉर्थ अमेरिका में 19 प्रतिशत है। कंपनी के पास करीब 900 करोड़ का रिजर्व है। लॉन्ग और शॉर्ट टर्म बोरइंग देखें तो जीरो है। साढ़े 42 हजार करोड़ का मार्केट कैप है। वहीं कंपनी के PE को पीयर्स कंपनियों से कंपेयर करें तो KPIT Technologi. को छोड़ दे तो दूसरी कंपनियों के मुकाबले इसका PE ज्यादा है जो कि करीब 68 के आसपास है। साल दर साल के हिसाब से देखें तो कंपनी की सेल्स बढ़ी है। एक निवेशक को ये भी समझना चाहिए कि स्टॉक में शॉर्ट टर्म पैन है या फिर लॉन्ग टर्म पैन।
डिस्क्लेमर: हमारी और से यहां किसी भी स्टॉक में खरीदारी की सलाह नहीं है। कहीं भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहाकार से राय जरूर लें

