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सोमवार 18 मई को कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल? जानिए क्या है आउटलुक और क्या है निवेशकों के लिए रणनीति

शेयर बाजार में दो हफ्तों की तेजी के बाद अचानक आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की उछाल, विदेशी बिकवाली और वैश्विक तनाव के बीच अब सबकी नजर सोमवार के कारोबार पर टिकी है।

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AI Generated Image

Share Market Outlook 18 May 2026: घरेलू शेयर बाजार पिछले दो हफ्तों की तेजी के बाद इस सप्ताह दबाव में आ गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2.70% और एनएसई निफ्टी 2.20% टूटकर बंद हुए। शुक्रवार को सेंसेक्स 75,237.99 और निफ्टी 23,643.50 पर बंद हुआ। आखिरी कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख इंडेक्स करीब 0.2% की गिरावट के साथ लाल निशान में रहे।

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हालांकि, सोमवार 18 मई के लिए शुरुआती संकेत कुछ राहत देने वाले दिख रहे हैं। एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज पर निफ्टी फ्यूचर्स 61 अंक यानी 0.26% चढ़कर 23,769 पर कारोबार करते दिखे।

कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी चिंता

रिलायंस ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर अनिश्चितता ने ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मिश्रा के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल ने महंगाई, व्यापार घाटे और ऊर्जा पर निर्भर सेक्टर्स के मार्जिन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि थोक महंगाई के अपेक्षा से ज्यादा आने, ईंधन कीमतों के असर और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

एफआईआई की बिकवाली, डीआईआई बने सहारा

सप्ताह के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 13,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 18,500 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को सहारा दिया।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अमेरिका-ईरान तनाव, कूटनीतिक बातचीत और ग्लोबल एनर्जी मार्केट की चाल पर निर्भर करेगी। विनोद नायर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोलने की दिशा में कोई सकारात्मक प्रगति बाजार के लिए अहम होगी।

किन स्तरों पर रहेगी नजर?

अजीत मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी 23,800-24,500 के दायरे से नीचे फिसल चुका है, जिससे बाजार की स्ट्रक्चर कमजोर हुई है। अब 23,800-24,000 का स्तर बड़ी रुकावट माना जाएगा। नीचे की ओर 23,150 अहम सपोर्ट है, जबकि इसके बाद 22,900 पर नजर रहेगी।

पोनमुडी आर ने निफ्टी के लिए 23,500-23,400 का दायरा मजबूत सपोर्ट बताया। उनके अनुसार, इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 23,200-23,000 तक फिसल सकता है।

सेंसेक्स के लिए 75,600-76,000 का दायरा तात्कालिक रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 74,500-74,200 के बीच मजबूत सपोर्ट दिख रहा है।

निवेशकों के लिए क्या रणनीति?

मिश्रा ने कहा कि मौजूदा माहौल में फार्मा, हेल्थकेयर, चुनिंदा एफएमसीजी और ऊर्जा व मेटल से जुड़े कारोबार दूसरे सेक्टर की तुलना में सुरक्षित ऑप्शन बने रह सकते हैं। वहीं आईटी, ब्याज दरों से जुड़े सेक्टर और डिस्क्रेशनरी खपत वाले शेयर दबाव में रह सकते हैं।

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पोनमुडी आर के मुताबिक, ऊंचे कच्चे तेल और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों को फिलहाल सतर्क और चुनिंदा रणनीति अपनानी चाहिए।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।