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SBI Q2 Results: मुनाफा बढ़ा, फिर भी धड़ाम हो गया शेयर

देश का सबसे सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। रिजल्ट्स के बाद शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। आइये जानते हैं SBI की Q2 में वित्तीय सेहत कैसी है?

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SBI Q2 Results: मुनाफा बढ़ा, फिर भी धड़ाम हो गया शेयर
SBI Q2 Results: मुनाफा बढ़ा, फिर भी धड़ाम हो गया शेयर

देश का सबसे सरकारी बैंक  भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। रिजल्ट्स के बाद शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। आइये जानते हैं SBI की Q2 में वित्तीय सेहत कैसी है?

SBI के रिजल्ट्स में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) या मुख्य आय में 5.4 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई है और यह ₹41,620 करोड़ रही। नेट प्रॉफिट में भी पिछले साल की तुलना में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह ₹18,331 करोड़ रहा है। SBI की एसेट क्विलिटी में भी तिमाही के आधार पर सुधार देखा गया। तिमाही का ग्रॉस NPA 2.13 प्रतिशत रहा, जो जून तिमाही में 2.21 प्रतिशत था। वहीं दूसरी ओर नेट NPA 0.53 प्रतिशत था, जो पिछले तिमाही में 0.57 प्रतिशत रहा। ये दोनों आंकड़े Motilal Oswal के अनुमान 2.16% और 0.55% से बेहतर हैं।

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प्रोविज़न्स सितंबर तिमाही के लिए ₹4,506 करोड़ थे, जो जून तिमाही के ₹3,449.4 करोड़ रहे  थे। साल दर साल देखा जाए तो प्रोविज़न्स पिछले साल की समान तिमाही में ₹115 करोड़ थे। लोन ग्रोथ में 15% का सालाना उछाल आया, जबकि Motilal Oswal ने इसका अनुमान 15.8% किया था।

ग्रॉस स्लिपेज़ तिमाही के लिए ₹4,951 करोड़ था, जो जून तिमाही के ₹8,707 करोड़ से कम था। रिकवरी और अपग्रेड्स भी तिमाही दर तिमाही घटकर ₹2,600 करोड़ हो गई, जो जून में ₹3,666 करोड़ थी। SBI के शेयर ₹844 पर 1.8% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। परिणामों से पहले पिछले एक महीने में स्टॉक में 10% की वृद्धि देखी गई थी।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।
 

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।