Raymond Ltd. को मिला एयरोस्पेस प्रोजेक्ट, स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट के स्ट्रक्चर असेंबली में करेगी काम
रेमंड लिमिटेड ने एयरोस्पेस और डिफेंस कारोबार में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। कंपनी की सब्सिडियरी ने एक प्रमुख भारतीय एयरोस्पेस OEM की टेंडर प्रक्रिया में सफलता हासिल की है। इस डील के जरिए कंपनी को स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम से जुड़ने का मौका मिला है। जानिए पूरी जानकारी।

रेमंड लिमिटेड (Raymond Ltd) ने अपने एयरोस्पेस और डिफेंस कारोबार में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने आज अपने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसकी सब्सिडियरी JK Maini Global Aerospace Limited ने एक प्रमुख भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस OEM की ओर से आयोजित टेंडर प्रक्रिया में सफलता हासिल की है।
इसके तहत कंपनी को एक बड़े स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए विंग स्ट्रक्चर और सेंटर फ्यूजलेज स्ट्रक्चर की असेंबली का काम मिलने वाला है। कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.78% या 8.70 रुपये चढ़कर 1122.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 0.72% या 8.05 रुपये की तेजी के साथ 1,125 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर कारोबार में कदम
OEM की ओर से आयोजित टेंडर प्रक्रिया में सफलता हासिल करने पर कंपनी ने बताया कि यह कंपनी के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनी की एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर वर्टिकल में प्रस्तावित एंट्री होगी। अब तक कंपनी की इंजीनियरिंग क्षमता मुख्य रूप से प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग तक रही है, लेकिन इस प्रोग्राम के जरिए वह जटिल और ज्यादा वैल्यू वाले एयरक्राफ्ट असेंबली काम में अपनी क्षमता बढ़ाएगी।
कम निवेश में क्षमता बढ़ाने की योजना
इस प्रोग्राम में ग्राहक की मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाना प्रस्तावित है। इससे Raymond को एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर बनाने और असेंबली की क्षमता विकसित करने का मौका मिलेगा, साथ ही कंपनी को भारी पूंजी निवेश करने की जरूरत कम होगी। यानी कंपनी कैपिटल-एफिशिएंट तरीके से इस नए कारोबार में अपनी एग्जीक्यूशन क्षमता और अनुभव विकसित कर सकेगी।
बड़े एयरोस्पेस प्रोग्राम का रास्ता खुल सकता है
Raymond Group के ग्रुप CFO राकेश तिवारी ने कहा कि यह अवसर तत्काल मिलने वाले कारोबार से कहीं ज्यादा रणनीतिक महत्व रखता है। उनके मुताबिक, इससे Raymond को हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर सेगमेंट में प्रवेश मिलेगा और कम पूंजी के साथ काम करने का मौका मिलेगा। साथ ही, इससे कंपनी की सब्सिडियरी को जरूरी एग्जीक्यूशन अनुभव और विश्वसनीयता हासिल करने में मदद मिल सकती है, जो आगे भारत और ग्लोबल मार्केट में बड़े एयरोस्पेस प्रोग्राम हासिल करने में काम आ सकती है। कंपनी का फोकस बेहतर एग्जीक्यूशन और इस क्षमता को भविष्य में बड़े और स्केलेबल बिजनेस प्लेटफॉर्म में बदलने पर रहेगा।
Raymond का इंजीनियरिंग कारोबार
Raymond Limited के इंजीनियरिंग वर्टिकल में अब दो प्रमुख कारोबार हैं- Aerospace and Defence & Tools और Auto Components। कंपनी ने एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टरों में कदम बढ़ाया है। इसके इंजीनियरिंग कारोबार में EV कंपोनेंट्स भी शामिल हैं और यह घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी सेवाएं देता है।
Raymond का इंजीनियरिंग कारोबार फाइल्स और हैंड टूल्स के निर्माण में मजबूत स्थिति रखता है और भारत के साथ विदेशी बाजारों में भी इसकी महत्वपूर्ण मौजूदगी है।

