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Ola Electric Mobility shares को SEBI ने दिया जोर का झटका!

Ola Electric Mobility Ltd के शेयरों में बुधवार को 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है। दरअसल शेयर में गिरावट की वजह SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) की ओर से नियमों का उल्लंघन करने पर एक प्रशासनिक चेतावनी माना जा रहा है।

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Ola Electric Mobility Ltd के शेयरों में बुधवार को 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है। दरअसल शेयर में गिरावट की वजह SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) की ओर से नियमों का उल्लंघन करने पर एक प्रशासनिक चेतावनी माना जा रहा है।

ओला इलेक्ट्रिक के शेयर BSE पर 4.8 प्रतिशत गिरकर ₹75.36 पर आ गए। पिछले एक महीने में यह शेयर 18 प्रतिशत गिर चुके हैं। बुधवार को भी शेयर में तेज गिरावट देखी गई।

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SEBI ने यह नोट किया है कि ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रमोटर और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर भवेश अग्रवाल ने 2 दिसंबर को X (पूर्व में ट्विटर) पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की थी और कंपनी ने उसी सूचना को कई घंटों बाद स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया। जिसको लेकर SEBI ने आपत्ति जताई है। 

SEBI का कहना है कि आपने उक्त घोषणा को पहले एक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर किया, जबकि इसे स्टॉक एक्सचेंजों पर प्रसारित करना चाहिए था। आपने अपने सभी हितधारकों के हित को ध्यान में नहीं रखा और अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया। SEBI ने यह भी कहा कि उल्लंघनों को गंभीरता से लिया गया है और कंपनी को भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी है। साथ ही, कंपनी को अनुपालन मानकों को सुधारने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में ऐसे मामले न हों, अन्यथा SEBI की 1992 की अधिनियम और उसके तहत बने नियमों के अनुसार उचित  कार्रवाई की जा सकती है।

LOD (लिस्टिंग और डिस्क्लोजर रीक्वारमेंट्स) नियम के तहत 30(6)(ii) यह निर्धारित करता है कि सूचीबद्ध कंपनी को सभी महत्वपूर्ण घटनाओं या सूचनाओं को जितनी जल्दी हो सके और किसी भी स्थिति में घटना या सूचना के होने के 12 घंटों के भीतर स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित करना चाहिए।

SEBI के पत्र में कहा गया है कि उपरोक्त जानकारी को 2 दिसंबर 2024 को BSE पर 1:36 PM और NSE पर 1:41 PM पर स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए प्रसारित किया गया था, जबकि इसे पहले 2 दिसंबर 2024 को सुबह 9:58 AM पर X (पूर्व में ट्विटर) पर भवेश अग्रवाल ने घोषित किया था।

LOD (लिस्टिंग और डिस्क्लोजर रीक्वारमेंट्स) नियम के नियम 4(1)(d) के तहत सूचीबद्ध कंपनी को मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों और निवेशकों को उचित और समय पर जानकारी देनी चाहिए। SEBI ने कहा कि कंपनी ने उक्त जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों और सभी निवेशकों को समय पर नहीं दी। SEBI ने कहा कि नियम 4(1)(h) के तहत सूचीबद्ध कंपनी को विशिष्ट घोषणाएं करने और सभी हितधारकों के हित को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।