मानसून बनेगा बाजार का बड़ा ट्रिगर? FMCG और रिटेल पर बुलिश तो इस सेक्टर पर एक्सपर्ट हैं सतर्क
बिजनेस टुडे के शो मार्केट मास्टर्स में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का जवाब देते हुए निश्छल माहेश्वरी ने कहा कि फिलहाल लो इनकम क्लास की खपत से जुड़े FMCG और रिटेल शेयर बेहतर अवसर दे सकते हैं, जबकि इस सेक्टर में जल्दबाजी से बचना चाहिए।

मंगलवार को शेयर बाजार में जारी तेजी के बीच मार्केट एक्सपर्ट निश्छल माहेश्वरी ने कंजम्पशन सेक्टर को लेकर अपनी रणनीति बताई है। बिजनेस टुडे के शो मार्केट मास्टर्स में सीनियर एंकर शैलेंद्र भटनागर के सवालों का जवाब देते हुए निश्छल माहेश्वरी ने कहा कि फिलहाल लो इनकम क्लास की खपत से जुड़े FMCG और रिटेल शेयर बेहतर अवसर दे सकते हैं, जबकि सीमेंट सेक्टर में जल्दबाजी से बचना चाहिए। इसकी सबसे बड़ी वजह मानसून को लेकर बनी अनिश्चितता है, जो आने वाले महीनों में मांग की दिशा तय कर सकती है।
लोअर-एंड कंजम्प्शन पर दांव
एक्सपर्ट निश्छल माहेश्वरी ने कहा कि पिछले दो तिमाहियों में जीएसटी से जुड़े फायदों के बावजूद लो इनकम क्लास की खपत दबाव में रही है। हालांकि अब इस हिस्से में सुधार की संभावना दिख रही है। माहेश्वरी का मानना है कि इस समय 'लोअर-एंड कंजम्प्शन' बेहतर दांव हो सकता है और इसके लिए वे खास तौर पर रिटेल और FMCG कंपनियों को पसंद कर रहे हैं।
सीमेंट सेक्टर पर फिलहाल इंतजार
सीमेंट सेक्टर को लेकर मार्केट एक्सपर्ट का रुख सतर्क बना हुआ है। उनका कहना है कि मानसून इस सेक्टर के लिए बड़ी बाधा बन सकता है। निर्माण गतिविधियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े होने के कारण सीमेंट कंपनियों की मांग काफी हद तक मौसम पर निर्भर रहती है।
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि मानसून की स्थिति स्पष्ट होने तक इस सेक्टर में आक्रामक निवेश से बचना बेहतर होगा। यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसका असर ग्रामीण आय, निर्माण कार्यों और समग्र मांग पर पड़ सकता है।
मानसून बनेगा सबसे बड़ा ट्रिगर
एक्सपर्ट माहेश्वरी ने विशेष रूप से जून में कमजोर बारिश को लेकर चिंता जताई। उनके अनुसार यदि जून में वर्षा की कमी 50 फीसदी से अधिक हो जाती है तो बाद के महीनों में इस कमी की भरपाई करना मुश्किल हो सकता है। इसका असर उन उम्मीदों पर पड़ सकता है जो ग्रामीण मांग और उपभोक्ता खर्च में सुधार को लेकर बनाई जा रही हैं।

