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ITC के सिगरेट कारोबार पर बढ़ा दबाव! ब्रोकरेज MOFSL ने अपनाया सतर्क रुख - चेक करें टारगेट प्राइस

MOFSL के मुताबिक ITC ने टैक्स बढ़ोतरी का पूरा बोझ एक साथ ग्राहकों पर डालने के बजाय चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। इसका मकसद अवैध सिगरेट बाजार की तरफ यूजर्स के पलायन को रोकना और लीगल मार्केट में हिस्सेदारी बचाए रखना है।

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AI Generated Image

ITC Share Price Target: ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने बुधवार को ITC Ltd को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के सिगरेट कारोबार की कमाई पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि यह सेगमेंट GST 2.0 लागू होने के बाद सबसे बड़े रेग्युलेटरी बदलाव से गुजर रहा है।

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MOFSL के मुताबिक ITC ने टैक्स बढ़ोतरी का पूरा बोझ एक साथ ग्राहकों पर डालने के बजाय चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। इसका मकसद अवैध सिगरेट बाजार की तरफ यूजर्स के पलायन को रोकना और लीगल मार्केट में हिस्सेदारी बचाए रखना है। ब्रोकरेज का मानना है कि शुरुआती बदलाव के बाद सिगरेट वॉल्यूम और EBIT में उतार-चढ़ाव धीरे-धीरे कम हो सकता है।

ITC Share Price Target

MOFSL ने ITC पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है और 300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज ने FY27 में सिगरेट कारोबार की आय में 15 फीसदी और EBIT में 19 फीसदी गिरावट का अनुमान जताया है।

टैक्स बढ़ोतरी ने बिगाड़ा समीकरण

MOFSL ने याद दिलाया कि 1 फरवरी से लागू नए टैक्स ढांचे के चलते ITC के सिगरेट कारोबार पर टैक्स का बोझ करीब 60-65 फीसदी बढ़ा। इसे संतुलित करने के लिए कंपनियों को करीब 35 फीसदी तक MRP बढ़ाने की जरूरत पड़ी। ब्रोकरेज ने इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी टैक्स बढ़ोतरी बताया।

रिपोर्ट के अनुसार, इस बार बदलाव इसलिए भी अलग रहा क्योंकि जनवरी में घोषणा और 1 फरवरी से लागू होने के बीच एक महीने का अंतर था, जबकि आमतौर पर ऐसे फैसले तुरंत लागू हो जाते हैं।

दो चरणों में बढ़ रही कीमतें

MOFSL ने मौजूदा स्थिति को दो चरणों में बांटा है। पहले चरण में ITC धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाकर टैक्स-न्यूट्रल स्तर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस दौरान कंपनी बाजार हिस्सेदारी बचाने, उपभोक्ता प्रतिक्रिया समझने और अवैध कारोबार पर नजर रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

दूसरे चरण में तब स्थिरता आने की उम्मीद है, जब पूरी टैक्स बढ़ोतरी खुदरा कीमतों में समा जाएगी और लीगल व अवैध कारोबार के बीच नया संतुलन बन जाएगा। इसके बाद मांग और उपभोक्ता व्यवहार ज्यादा स्पष्ट दिख सकता है।

गैर-सिगरेट कारोबार से उम्मीद

ब्रोकरेज ने कहा कि ITC का गैर-सिगरेट कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। FMCG कारोबार FY19-26 के दौरान 10 फीसदी CAGR की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है, जबकि EBITDA मार्जिन में भी सुधार दिख रहा है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।