
Hybrid Mutual Fund में बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी, पिछले सात महीनों में करोड़ों का निवेश
बीते 7 महीनों में हाइब्रिड म्यूचुअल फंड ने काफी लोकप्रियता हासिल की है और इन 7 महीनों के दौरान हाइब्रिड फंड में कुल 72 हजार करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता बढ़ने की सबसे बड़ी वजह डेट फंड में टैक्सेशन में हुआ बदलाव है। इसके बाद से इस सेगमेंट में निरंतर निवेश देखने को मिला है जबकि एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी Amfi के मुताबिक इस साल।

कोरोना के बाद से शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। इसका फायदा शेयर मार्केट के साथ साथ म्यूचुअल फंड्स को भी मिला है। लेकिन अब निवेशकों ने केवल इक्विटी में पैसा लगाने वाले म्यूचुअल फंड्स के साथ साथ इनकी दूसरी कैटेगरीज में भी निवेश बढ़ाना शुरु कर दिया है। इसका फायदा हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स को भी मिल रहा है। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स आम तौर पर इक्विटी और डेट सिक्योरिटीज के कॉम्बिनेशन में और कभी-कभी सोने जैसी दूसरे एसेट्स में भी निवेश करते हैं। इनमें निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का नतीजा है।

बीते 7 महीनों में हाइब्रिड म्यूचुअल फंड ने काफी लोकप्रियता हासिल की है और इन 7 महीनों के दौरान हाइब्रिड फंड में कुल 72 हजार करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता बढ़ने की सबसे बड़ी वजह डेट फंड में टैक्सेशन में हुआ बदलाव है। इसके बाद से इस सेगमेंट में निरंतर निवेश देखने को मिला है जबकि एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी Amfi के मुताबिक इस साल।
मार्च में इस सेगमेंट में 12 हजार 72 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी देखी गई थी। वहीं अक्टूबर में हाइब्रिड योजनाओं में 9 हजार 907 करोड़ रुपये का इनफ्लो आने से पहले अप्रैल-सितंबर में इस सेगमेंट में 62 हजार 174 करोड़ रुपये आए हैं। जिसके बाद 2023-24 के पहले सात महीने में कुल 72 हजार 081 करोड़ रुपये आए हैं।
आइए अब जानते हैं कि आखिर क्यों हाइब्रिड फंड निवेशकों को इतने पसंद आते हैं। इसकी पहली और सबसे बड़ी वजह है कि हाइब्रिड फंड मॉडरेट और लो रिस्क प्रोफाइल की वजह से कम जोखिम पेश करते हैं। ये फंड अच्छे निवेश विकल्प माने जाते हैं क्योंकि ये इक्विटी मार्केट्स से जुड़ी अस्थिरता को कम करते हैं और निश्चित आय बाजार में स्थिरता प्रदान करते हैं।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक डेट फंड के लिए टैक्सेशन में बदलाव के बाद निवेशक अपनी फिक्स इनकम का एक हिस्सा हाइब्रिड फंड के माध्यम से निवेश करने के लिए तैयार हैं। इसमें निवेश बढ़ाने के लिए टैक्स से जुड़े नियमों में हुए बदलाव ने बड़ा रोल निभाया है।
1 अप्रैल से लागू हुए नए नियमों के तहत 3 साल से ज्यादा समय तक रखे गए डेट म्यूचुअल फंड को अब इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलेगा। इंडेक्सेशन म्यूचुअल फंड यूनिट की होल्डिंग अवधि के दौरान महंगाई को ध्यान में रखता है
इससे एसेट की खरीद कीमत बढ़ जाती है और टैक्स का बोझ कम हो जाता है।
इसके असर से हाइब्रिड योजनाओं में निवेशकों का पैसा आने की रफ्तार में तेजी आ गई है जिससे। हाइब्रिड योजनाओं के Assets Under Management अक्टूबर के आखिर में 19 फीसदी बढ़कर 5.88 लाख करोड़ रुपये हो गए ये आंकड़ा अप्रैल में 4.94 लाख करोड़ रुपये था। यानी इनमें निवेश बढ़ने के साथ साथ इनसे मिलने वाला रिटर्न भी बेहतर होता जा रहा है।
