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अमेरिका में AI शेयरों की बिकवाली से मचा हड़कंप, एशियाई बाजार धराशायी! भारत में क्यों दिख रही मजबूती?

अमेरिका में AI कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से दुनियाभर के शेयर बाजारों में हड़कंप मचा है। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार भी बड़ी गिरावट झेल रहे हैं। हालांकि, इस माहौल में भारतीय शेयर बाजार मजबूती दिखा रहा है। आखिर सेंसेक्स और निफ्टी की तेजी के पीछे क्या वजह है?

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AI Generated Image

अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का असर शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला। वॉल स्ट्रीट पर 2 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा की मार्केट वैल्यू साफ हो गई। जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में भी भारी गिरावट आई। हालांकि, इस उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजार ने तुलनात्मक रूप से मजबूती दिखाई।

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सुबह 10:51 बजे तक सेंसेक्स 0.56% या 447.77 पॉइंट उछलकर 79,757.78 पॉइंट पर ट्रेड कर रहा था और निफ्टी50 इंडेक्स 0.32% या 78.70 पॉइंट की तेजी के साथ 24,615.30 पॉइंट पर कारोबार कर रहा था।

विदेशी निवेशकों ने खरीदे ₹13,801 करोड़ के शेयर

भारतीय बाजार को विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिल रहा है। प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने 13,801.83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने कुल 35,781 करोड़ रुपये की खरीदारी की है।

उनका मानना है कि AI शेयरों से निवेशकों का रुझान बदलने पर भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ सकता है। इसे 'रिवर्स AI ट्रेड' के तौर पर देखा जा रहा है।

M&M और IT शेयरों में तेजी

निफ्टी के प्रमुख शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) 3.68 फीसदी चढ़कर 3,242.60 रुपये पर पहुंच गया। वहीं टाइटन का शेयर 2.32 फीसदी बढ़कर 4,946.90 रुपये पर रहा। दोनों कंपनियों को उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों का फायदा मिला।

इसके अलावा भारती एयरटेल, HCL टेक्नोलॉजीज, TCS और इंफोसिस के शेयरों में 1.5 से 1.85 फीसदी तक की तेजी दर्ज हुई।

एशियाई बाजारों में क्यों मची भगदड़?

अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद AI डेटा सेंटर पर नए प्रतिबंधों की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 8.8 फीसदी तक गिर गया, जिससे सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा। जापान का Nikkei भी 5.7 फीसदी टूट गया। वहीं अमेरिकी Nasdaq 100 में 6.4 फीसदी की गिरावट से करीब 2.3 लाख करोड़ डॉलर की वैल्यू खत्म हुई।

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक, अमेरिका में AI डेटा सेंटर पर देशव्यापी रोक लगने की संभावना कम है, लेकिन कुछ राज्यों में नई मंजूरियों पर अस्थायी रोक लग सकती है।

भारतीय बाजार में आगे क्या होगा?

वीके विजयकुमार का मानना है कि भारतीय बाजार की तेजी को कंपनियों की उम्मीद से बेहतर कमाई का समर्थन मिल रहा है। खासकर बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

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उन्होंने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 2.6 फीसदी चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सिर्फ 0.67 फीसदी बढ़ा। उनके मुताबिक, फाइनेंशियल, टेक्नोलॉजी और ऑटो शेयरों में आगे भी तेजी की गुंजाइश है।

हालांकि, HST Wealth के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने चेताया कि अगर वैश्विक बाजारों में बिकवाली लंबे समय तक जारी रही, तो विदेशी निवेशकों की निकासी से भारतीय शेयरों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।