SpiceJet, Honasa, Onward Tech समेत 35 शेयरों में FIIs ने जमकर की खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान कई शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इस दौरान भारतीय शेयर बाजार में लगभग ₹97,410 करोड़ का निवेश किया। दूसरी ओर बेंचमार्क BSE सेंसेक्स ने Q2FY25 में 6.6% बढ़ा है। इस दौरान BSE मिडकैप और BSE स्मॉलकैप में 7% और 10% की बढ़ोतरी हुई है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान कई शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इस दौरान भारतीय शेयर बाजार में लगभग ₹97,410 करोड़ का निवेश किया। दूसरी ओर बेंचमार्क BSE सेंसेक्स ने Q2FY25 में 6.6% बढ़ा है। इस दौरान BSE मिडकैप और BSE स्मॉलकैप में 7% और 10% की बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़ों से पता चला है कि विदेशी निवेशकों ने एविएशन, FMCG, टेक्नोलॉजी, पावर एंड कंज्यमूर गुड्स समेत कई सेक्टर्स में करीब 35 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाई है।
सितंबर तिमाही में 22.87% की हिस्सेदारी के साथ SpiceJet में FIIs की सबसे पहली पसंद बनकर उभरी है। जबकि उन्होंने 30 जून 2024 तक एयरलाइन में 1.8% की हिस्सेदारी रखी थी। शेयर होल्डिंग पैटर्न के मुताबिक Onward Technologies दूसरे स्थान पर रही। वैश्विक निवेशकों ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को पिछले तिमाही के 1.6% से बढ़ाकर 8.97% कर दिया।
कम लागत वाली एयरलाइन ने सितंबर में Qualified institutional placement (QIP) के जरिए से ₹3,000 करोड़ जुटाए। QIP में निवेश करने वाले कुछ वैश्विक निवेशकों में गोल्डमैन सैक्स (सिंगापुर), मॉर्गन स्टेनली एशिया, BNP परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ODI, नोमुरा सिंगापुर लिमिटेड ODI, टाटा म्यूचुअल फंड, डिस्कवरी ग्लोबल ऑपर्च्युनिटी लिमिटेड, सोसाइटी जेनरल ODI, ऑथम इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, बंधन इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, व्हाइट ओक, कार्नेलियन भारत अमेरिका फंड, 360 ONE इक्वल अपॉर्च्युनिटी फंड और द जुपिटर ग्लोबल फंड शामिल हैं। Nuvama Institutional Equities ने सितंबर में स्पाइसजेट पर 'होल्ड' रेटिंग बनाए रखी।
वैश्विक निवेशकों ने इसी अवधि में GPT Infraprojects में अपनी हिस्सेदारी को 0.90% से बढ़ाकर 6.70% कर दिया। वहीं दूसरी ओर Techno Electric & Engineering Company (4.4% से बढ़कर 9.80%), Vipul Ltd (1.9% से बढ़कर 7.23%), Honasa Consumer (14% से बढ़कर 19.31%) और Heritage Foods (3.3% से 8.27%) अन्य पसंदीदा कंपनियों में शामिल रहीं।
ब्रोकरेज HDFC Securities Heritage Foods पर काफी बुलिश दिख रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, हेरिटेज फूड्स ने अपने वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स (VAP) (26.1% कंपाउंड एनुअल ग्रोथ FY22-24) बिजनेस में वृद्धि के लिए एक स्पष्ट रणनीति स्थापित की है, जिससे अगले 3 वर्षों में ₹6,000 करोड़ के टॉपलाइन टारगेट को हासिल किया जा सके और EBITDA मार्जिन को सिंगल डिजिट में बनाए रखा जा सके। ब्रोकरेज ने बेस केस पर ₹655 और बुल केस पर ₹707 का टारगेट प्राइस तय किया है, जिसमें 2-3 तिमाही का नजरिया दिया गया है।
Genus Power Infrastructures, Indigo Paints, Sansera Engineering, Electronics Mart India, Neogen Chemicals, Kamdhenu, Pritika Auto Industries, Adani Energy Solutions and Glenmark Life Sciences अन्य कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने तिमाही के दौरान FII हिस्सेदारी में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
Phillip Capital ने Indigo Paints पर सकारात्मक रुख रखा है, जिसका टारगेट प्राइस ₹1,937 है। Indigo Paints पिछले 20 सालों में इंडस्ट्री में एंट्री करने वाले कुछ पेंट निर्माताओं में से एक है और इसने बाजार में अपनी प्रॉफिटिबिलिटी और उपस्थिति को बनाए रखा है, जो इसे पांचवें सबसे बड़े पेंट निर्माता के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने कैटेगरी निर्माताओं के रूप में कार्य किया है, जिसने उन्हें Tier 3 और 4 बाजारों में आसानी से एंट्री करने की अनुमति दी है। FY21 में IPO और चल रहे कैपेक्स के कारण, रिटर्न रेश्यो में कमी आई है।
आंकड़े यह भी बताते हैं कि विदेशी निवेशकों ने Q2FY25 में Tarmat, Marathon Nextgen Realty, Oracle Financial Services Software, Zen Technologies, Cyient DLM, Cholamandalam Financial Holdings, Inox Wind, Bajaj Healthcare, Tips Music, Mysore Petro Chemicals, Firstsource Solutions, RS Software (India), Lupin, LT Foods, Newgen Software Technologies, EPL और Radiant Cash Management Services में भी अपनी हिस्सेदारी 2 प्रतिशत अंकों से ज्यादा बढ़ाया है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।

