Q1 में इस डिफेंस कंपनी का मुनाफा 43% उछाल! रेवेन्यू 88% बढ़ा, शेयर पर निवेशकों की नजर
डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू में मजबूत बढ़त दर्ज हुई है। बेहतर नतीजों के बीच कंपनी ने रक्षा क्षेत्र में आगे के बड़े अवसरों और अपनी भविष्य की रणनीति को लेकर भी अहम संकेत दिए हैं।

Defence Stock: एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) का शेयर आज निवेशकों के रडार पर है। दरअसल कंपनी ने बीते शनिवार को अपने जून तिमाही (Q1FY27) के वित्तीय नतीजों की जानकारी दी थी।
कंपनी का शेयर आज सुबह 9:30 बजे तक बीएसई पर 2.60% या 10.50 रुपये गिरकर 393.45 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 2.51% या 10.15 रुपये टूटकर 393.70 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
Q1 में मुनाफा और रेवेन्यू दोनों में तेज बढ़त
कंपनी ने बताया की उसने Q1 FY27 में ₹25.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹17.6 करोड़ से 43% अधिक है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 88% बढ़कर ₹251.3 करोड़ पहुंच गया, जो Q1 FY26 में ₹134 करोड़ था।
कंपनी का EBITDA भी 18% बढ़कर ₹48 करोड़ हो गया। Apollo Micro Systems ने इसे जून तिमाही का अब तक का सबसे अधिक EBITDA बताया है। हालांकि, मजबूत ग्रोथ के बावजूद EBITDA मार्जिन में गिरावट आई। यह पिछले साल के 30.6% से घटकर 21.4% रह गया।
इस वजह से मजबूत रहे नीतजे
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बड्डम करुणाकर रेड्डी ने कहा कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन उसकी बेहतर कार्यक्षमता, मुश्किल परिस्थितियों में मजबूती और जरूरी प्राथमिकताओं पर लगातार फोकस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी को इस मजबूत प्रदर्शन की रफ्तार को आगे भी बनाए रखना है और ज्यादा तेजी व बेहतर तरीके से काम करना है। साथ ही, रक्षा क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुसार कंपनी को अपनी रणनीति और क्षमताओं को लगातार मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रक्षा क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं। कंपनी अपनी क्षमताओं को मजबूत करने, देश की रक्षा तैयारियों में अपना योगदान बढ़ाने और तेज, अनुशासित व बेहतर तरीके से काम करने पर लगातार ध्यान देगी।
डिफेंस सेक्टर से बनी उम्मीद
दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में डिफेंस स्पेंडिंग बढ़ने को सेक्टर की ग्रोथ का अहम आधार माना जा रहा है। हालांकि, बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन और ग्लोबल ट्रेड रुकावट ने सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ाया है। इससे उत्पादन में देरी और विस्फोटक की कमी जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं।

