5% के अपर सर्किट के साथ बंद हुआ ये टेक्सटाइल स्टॉक! ₹76.78 करोड़ के नए ऑर्डर से कारोबार को मिली रफ्तार
569.43 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयर में यह तेजी उसके द्वारा दी गई लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग के बाद आई है। स्टॉक आज बीएसई और एनएसई पर अपर सर्किट के साथ 129 रुपये पर बंद हुआ है।

गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी, आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड (Aastha Spintex Ltd) का शेयर आज 5 प्रतिशत के अपर सर्किट के साथ बंद हुआ है। 569.43 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयर में यह तेजी उसके द्वारा दी गई लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग के बाद आई है। स्टॉक आज बीएसई और एनएसई पर अपर सर्किट के साथ 129 रुपये पर बंद हुआ है।
कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया कि कंपनी के पास जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 तक के चार महीनों के लिए करीब 76.78 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। यह ऑर्डर बुक कंपनी की वित्त वर्ष 2024-25 की कुल आय का 21% से ज्यादा है। कंपनी का कहना है कि यह मजबूत मांग और Falcon Texotube के एकीकरण के बाद उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग का संकेत है।
कंपनी ने बताया कि उसकी ऑर्डर बुक में पुराने ग्राहकों का बड़ा योगदान है। 7 Seas Impex और Texpert India Private Limited जैसे प्रमुख ग्राहकों ने लगातार कई महीनों के लिए दोबारा ऑर्डर दिए हैं, जिससे कंपनी के उत्पादों पर ग्राहकों के भरोसे का पता चलता है। फिलहाल कंपनी के पास 10 से ज्यादा सक्रिय ग्राहक हैं, जिससे किसी एक ग्राहक पर निर्भरता कम होती है और कारोबार को स्थिरता मिलती है।
कंपनी ने यह भी कहा कि Falcon Texotube Private Limited के अधिग्रहण के बाद उसकी उत्पादन क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई है। बढ़ी हुई क्षमता के कारण कंपनी अब बड़े और ज्यादा ऑर्डर पूरे करने में सक्षम है। सितंबर 2026 में Sharvay Agronics LLP के रूप में एक नया ग्राहक भी जुड़ा है, जिससे कंपनी की बाजार में पहुंच और मजबूत हुई है। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच बड़ी संख्या में ऑर्डर होने से कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के लिए राजस्व और कैश फ्लो का बेहतर अनुमान मिलने की उम्मीद है।
कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि जुलाई से अक्टूबर 2026 के लिए 76.78 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक उनकी Falcon Texotube के अधिग्रहण के बाद अपनाई गई विकास रणनीति की सफलता को दिखाती है। मैनेजमेंट के अनुसार, पुराने ग्राहक अपने ऑर्डर बढ़ा रहे हैं और नए ग्राहक भी लगातार जुड़ रहे हैं। 2.3 गुना बढ़ी उत्पादन क्षमता अब कारोबार में तेजी के रूप में दिखाई देने लगी है।

