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क्या खत्म होगा LTCG टैक्स? SBI ने बताया सरकार को कितना होगा नुकसान, निवेशकों को मिल सकती है राहत

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बजट 2027 से पहले बड़ी खबर सामने आई है। SBI Research ने LTCG टैक्स को लेकर सरकार को अहम सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि टैक्स हटाने से सरकारी खजाने पर कितना असर पड़ेगा। क्या निवेशकों को सच में राहत मिलेगी?

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In Short

  • SBI Research ने LTCG टैक्स खत्म करने का सुझाव दिया है, जिससे शेयर बाजार के निवेशकों को राहत मिल सकती है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, LTCG टैक्स हटाने से सरकार को FY28 में 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निवेशकों की चिंताओं पर विचार करने की बात कही है, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

शेयर बाजार में निवेश करने वालों को अगले बजट में बड़ी राहत मिल सकती है। SBI Research ने अपनी नई रिपोर्ट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स खत्म करने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सरकार यह टैक्स हटा देती है तो उसे वित्त वर्ष 2027-28 में करीब 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। हालांकि, SBI का मानना है कि सरकार इस नुकसान को संभाल सकती है।

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LTCG टैक्स हटाने से कितना होगा नुकसान?

SBI Research ने 2 नवंबर को जारी अपनी Ecowrap रिपोर्ट में बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार को LTCG टैक्स से करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये मिले थे। इसकी बड़ी वजह उससे पिछले वित्त वर्ष में शेयर बाजार का शानदार प्रदर्शन था, जब बाजार ने करीब 30 फीसदी रिटर्न दिया था।

लेकिन अब हालात बदल गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, FY25 से FY27 की अब तक की अवधि में निफ्टी का औसत रिटर्न सिर्फ 0.5 फीसदी रहा है। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 4.8 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं।

SBI का अनुमान है कि FY26 में LTCG टैक्स से करीब 1 लाख करोड़ रुपये और FY27 में सिर्फ 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। ऐसे में FY28 में टैक्स खत्म करने से GDP के मुकाबले सिर्फ 0.1 से 0.2 फीसदी का नुकसान होगा।

वित्त मंत्री ने निवेशकों को क्या संकेत दिए?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुंबई में Financial Express Leadership Awards 2026 के दौरान शेयर बाजार के निवेशकों की चिंताओं को स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि टैक्स निवेश से जुड़ा सिर्फ एक पहलू है, लेकिन वह रिटेल निवेशकों और बाजार से जुड़े लोगों की चिंता समझती हैं।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि 2023-24 में टैक्स व्यवस्था लगभग ऐसी ही थी, लेकिन तब विदेशी निवेश ज्यादा आ रहा था। अब परिस्थितियां बदल गई हैं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी है। उन्होंने इन मांगों पर विचार करने की बात कही, हालांकि किसी बदलाव की घोषणा नहीं की।

प्रतीकात्मक तस्वीर

SBI ने टैक्स में राहत के लिए क्या सुझाव दिए?

SBI Research ने LTCG टैक्स पूरी तरह खत्म करने के अलावा कुछ दूसरे विकल्प भी सुझाए हैं।

रिपोर्ट में सालाना टैक्स छूट की सीमा 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने और इसे महंगाई से जोड़ने की सिफारिश की गई है।

इसके अलावा एक से दो साल के निवेश पर 12.5 फीसदी टैक्स बरकरार रखने, दो से तीन साल पर इसे घटाकर 5 फीसदी करने और तीन साल से ज्यादा के निवेश पर टैक्स खत्म करने का सुझाव दिया गया है।

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SBI ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में 50 फीसदी बढ़ोतरी का भी सुझाव दिया है। इससे FY28 में करीब 45,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है।

क्या सरकार के पास टैक्स घटाने की गुंजाइश है?

SBI के मुताबिक, FY27 में सरकार का राजकोषीय घाटा बजट अनुमान से करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये ज्यादा होकर GDP के 4.7 फीसदी तक पहुंच सकता है, जबकि लक्ष्य 4.3 फीसदी है।

इसके बावजूद SBI का मानना है कि सरकारी नकदी और खर्चों में कटौती से राहत की गुंजाइश बन सकती है।

हालांकि, LTCG टैक्स खत्म करने या घटाने पर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। ये फिलहाल SBI Research के सुझाव हैं।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।