
Travel Insurance खरीदने में देर पड़ सकती है भारी, विदेश जाने से पहले जान लें जरूरी नियम
विदेश यात्रा के लिए सिर्फ सस्ता ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदना काफी नहीं है। पॉलिसी कब खरीदी गई, कितना कवर लिया गया और उसकी शर्तें क्या हैं, ये बातें क्लेम के समय अहम बन सकती हैं। खासकर लंबी यात्रा और बुजुर्ग यात्रियों के लिए छोटी सी चूक भारी पड़ सकती है।

In Short
- विदेश यात्रा शुरू होने से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदना जरूरी है, वरना पॉलिसी बेकार हो सकती है।
- लंबी यात्रा के लिए कम कवर वाली सस्ती पॉलिसी बाद में महंगी साबित हो सकती है।
- बुजुर्ग यात्रियों को ज्यादा कवर और पहले से मौजूद बीमारियों की शर्तें ध्यान से देखनी चाहिए।
विदेश यात्रा के दौरान ट्रैवल इंश्योरेंस मेडिकल खर्च, बैगेज और ट्रिप में रुकावट जैसी कई मुश्किल स्थितियों में काम आ सकता है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए पॉलिसीबाज़ार के मीत कपाड़िया ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि पॉलिसी भारत छोड़ने से पहले खरीद ली जाए, क्योंकि यात्रा शुरू होने के बाद खरीदी गई पॉलिसी क्लेम के समय बेकार साबित हो सकती है।
देश छोड़ने से पहले खरीदना जरूरी
मीत के मुताबिक, सबसे जरूरी बात यह है कि पॉलिसी भारत छोड़ने से पहले खरीद ली जाए, क्योंकि यात्रा शुरू होने के बाद खरीदी ने कहा कि अगर किसी यात्री की फ्लाइट 1 सितंबर को है, तो उसे 1 सितंबर शुरू होने से पहले यानी रात 12 बजे से पहले पॉलिसी खरीद लेनी चाहिए।
अगर कोई व्यक्ति विदेश पहुंचने के बाद ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदता है, तो ऐसी पॉलिसी अक्सर सीधे अमान्य मानी जा सकती है। इसका कारण यह है कि पासपोर्ट पर लगा डिपार्चर स्टैंप दिखा देता है कि यात्रा पहले ही शुरू हो चुकी थी।
सही समय पर पॉलिसी लेना क्यों जरूरी?
कई लोग ट्रैवल इंश्योरेंस को अभी भी सिर्फ एक अतिरिक्त खर्च मानते हैं, लेकिन इसका काम सिर्फ मेडिकल खर्च तक सीमित नहीं है। यह बैगेज से जुड़ी परेशानी और ट्रिप में रुकावट जैसी स्थितियों में भी सुरक्षा देता है।
अगर यात्री देश से बाहर निकलने के बाद पॉलिसी खरीदता है, तो बीमा कंपनी यह तर्क दे सकती है कि यात्रा शुरू होने से पहले जोखिम का सही आकलन नहीं किया गया था। इससे आगे चलकर क्लेम कमजोर पड़ सकता है।
सस्ती पॉलिसी हमेशा सही नहीं
मीत कपाड़िया ने कम सम इंश्योर्ड वाली पॉलिसी चुनने से भी सावधान किया। खासकर 15 दिन या उससे ज्यादा की विदेश यात्रा, बिजनेस ट्रिप, लंबे फैमिली विजिट या कई देशों की यात्रा करने वालों को ज्यादा कवर लेने पर विचार करना चाहिए।

उनका कहना है कि 50,000 डॉलर की पॉलिसी कुछ सौ रुपये सस्ती लग सकती है, लेकिन यात्रा के शुरुआती दिनों में बड़ा क्लेम हो जाए तो बाकी ट्रिप के लिए उपलब्ध कवर काफी कम रह सकता है।
बुजुर्ग यात्रियों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत
लंबे समय के लिए विदेश जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए ज्यादा कवर अहम हो सकता है। मीत के मुताबिक, उपलब्ध होने पर 2.5 लाख डॉलर का कवर चुनना बेहतर हो सकता है। हालांकि इसमें उम्र से जुड़ी शर्तें लागू हो सकती हैं।
जहां इतना कवर उपलब्ध न हो, वहां कई बड़ी बीमा कंपनियां ज्यादा उम्र तक 1 लाख डॉलर का कवर देती हैं।
पॉलिसी की शर्तें जरूर पढ़ें
बुजुर्ग यात्रियों को पहले से मौजूद बीमारियों के कवर पर भी खास ध्यान देना चाहिए। केवल स्टैंडर्ड पॉलिसी पर भरोसा करना ठीक नहीं है।
पॉलिसी खरीदते समय सिर्फ प्रीमियम न देखें। उम्र की सीमा, एक्सक्लूजन और बीमारी से जुड़ी शर्तों को भी ध्यान से पढ़ें। ट्रैवल इंश्योरेंस में कीमत के साथ सही समय, यात्रा की अवधि और पॉलिसी की शर्तें भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

