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रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसे पर लगेगा कितना टैक्स? ग्रेच्युटी PF और NPS के ये नियम बदल देंगे आपकी योजना

रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम पर टैक्स का असर आपकी जेब पर सीधा पड़ सकता है। ग्रेच्युटी, PF और NPS से जुड़े कुछ नियम ऐसे हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। जानिए कैसे सही प्लानिंग से रिटायरमेंट इनकम को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है।

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In Short

  • रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली हर रकम पर एक जैसा टैक्स नहीं लगता, सही जानकारी जरूरी है।
  • ग्रेच्युटी, PF और PPF के नियम अलग हैं, जबकि NPS में निकासी का तरीका अहम भूमिका निभाता है।
  • रिटायरमेंट फंड निकालने से पहले टैक्स प्लानिंग करने से भविष्य की आय पर असर कम किया जा सकता है।

रिटायरमेंट के बाद सैलरी बंद हो जाती है, लेकिन टैक्स प्लानिंग की जरूरत खत्म नहीं होती। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Ved Jain & Associates के टैक्स एक्सपर्ट अंकित जैन ने बताया कि ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से मिलने वाली रकम पर टैक्स नियम अलग-अलग लागू होते हैं। ऐसे में रिटायरमेंट से पहले सही प्रोडक्ट चुनना और भुगतान की संरचना समझना जरूरी है।

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एक्सपर्ट अंकित जैन के मुताबिक, सभी रिटायरमेंट लाभों पर एक जैसा टैक्स नहीं लगता। अगर निवेशक पहले से योजना नहीं बनाते हैं तो उन्हें अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है या फिर रिटायरमेंट के बाद उपलब्ध आय का सही अनुमान लगाने में परेशानी हो सकती है।

ग्रेच्युटी, PF और PPF में टैक्स नियम अलग

ग्रेच्युटी रिटायरमेंट प्लानिंग का अहम हिस्सा है। अंकित जैन ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स फ्री है, जबकि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह 20 लाख रुपये तक टैक्स से मुक्त है। इससे ज्यादा मिलने वाली रकम पर टैक्स देना पड़ सकता है।

लंबे समय तक नौकरी करने वाले निजी क्षेत्र के वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए यह नियम खास मायने रखता है, क्योंकि उनकी ग्रेच्युटी राशि ज्यादा हो सकती है। वहीं, रिटायरमेंट के समय Employees’ Provident Fund (EPF) से निकासी पूरी तरह टैक्स फ्री है। Public Provident Fund (PPF) की मैच्योरिटी के बाद मिलने वाली रकम पर भी टैक्स नहीं लगता।

NPS में निवेश और निकासी के समय बदलता है टैक्स नियम

NPS रिटायरमेंट प्लानिंग का एक लोकप्रिय विकल्प बन चुका है। जैन ने बताया कि NPS में निवेश करने और फंड जमा होने के दौरान टैक्स नहीं लगता, लेकिन निकासी के समय नियम बदल जाते हैं।

उन्होंने कहा, “आप अपनी कुल पेंशन वैल्यू के 60 फीसदी तक हिस्से को कम्यूट कर सकते हैं, जो टैक्स से मुक्त होता है।” यानी अगर किसी व्यक्ति का NPS कॉर्पस 10 लाख रुपये है तो वह 6 लाख रुपये तक की रकम बिना टैक्स दिए एकमुश्त निकाल सकता है।

एन्युटी आय पर देना पड़ सकता है टैक्स

NPS की बची हुई रकम एन्युटी के जरिए नियमित आय के रूप में मिलती है। जैन के अनुसार, यह आय पेंशन की तरह टैक्स के दायरे में आती है और व्यक्ति के टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पर कर लगाया जाता है।

रिटायरमेंट प्लानिंग में सिर्फ रिटर्न और सुरक्षा देखना काफी नहीं है। निवेशकों को यह भी समझना होगा कि रिटायरमेंट के बाद रकम किस तरह मिलेगी और उसमें कितना हिस्सा टैक्स फ्री होगा। सही निकासी रणनीति से रिटायरमेंट आय पर टैक्स का बोझ कम किया जा सकता है।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।