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एफडी में आप भी निवेश करते हैं? 1 अक्टूबर से लागू हुआ ये नया नियम - जानिए क्या होगा असर

RBI के फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। इनका असर मुख्य रूप से ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा के बल्क डिपॉजिट पर होगा। बैंकों को अब रोज अपनी वेबसाइट पर बल्क FD की ब्याज दर बतानी होगी। जानिए क्या-क्या बदला है।

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जो निवेशक इन दोनों बैंकों की तुलना कर रहे हैं, उनके लिए J&K बैंक ज़्यादातर मुख्य अवधियों (जैसे एक साल, तीन साल, पाँच साल और टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉज़िट) के लिए ज़्यादा ब्याज दरें देता है.
1 अक्टूबर से FD के नियमों में बदलाव: नए फ्रेमवर्क का मकसद बल्क FD की प्राइसिंग को ज़्यादा पारदर्शी बनाना है.

In Short

  • RBI के नए FD नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं।
  • नए नियम मुख्य रूप से ₹3 करोड़ या उससे अधिक के बल्क डिपॉजिट पर लागू होंगे।
  • बैंकों को हर वर्किंग डे सुबह 10 बजे तक बल्क FD की ब्याज दर वेबसाइट पर बतानी होगी।

फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD से जुड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। हालांकि, इन बदलावों का असर ज्यादातर ₹3 करोड़ या उससे अधिक के बल्क डिपॉजिट पर पड़ेगा। आम रिटेल FD ग्राहकों के लिए ब्याज दरों की कोई नई व्यवस्था लागू नहीं की गई है।

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RBI ने 30 जुलाई को संशोधित निर्देश जारी किए थे, जिन्हें बैंकों को 1 अक्टूबर से लागू करना है। नए नियमों का फोकस बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों और उनसे जुड़ी जानकारी में ज्यादा पारदर्शिता लाने पर है।

रोज बतानी होगी बल्क FD की ब्याज दर

नए नियमों के तहत बैंकों को हर वर्किंग डे अपनी वेबसाइट पर बल्क डिपॉजिट पर लागू ब्याज दरों की जानकारी देनी होगी। इन दरों को सुबह 10 बजे तक वेबसाइट पर दिखाना होगा। अपडेट के लिए 10 मिनट की विंडो भी दी गई है।

इससे बड़ी रकम की FD कराने या उसे रिन्यू कराने वाले ग्राहक पहले ही देख सकेंगे कि बैंक उस दिन कितना ब्याज ऑफर कर रहा है। योग्य डिपॉजिट के लिए बैंक को पहले से बताई गई ब्याज दर का पालन भी करना होगा।

अलग-अलग ब्रांच में एक जैसी दर

नए नियमों के मुताबिक, एक ही दिन स्वीकार किए गए समान बल्क डिपॉजिट पर बैंकों को एक जैसी ब्याज दर देनी होगी। इसका मतलब है कि केवल दूसरी ब्रांच या अलग बैंकिंग चैनल से FD बुक कराने की वजह से ग्राहक को अलग ब्याज दर नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, RBI के फ्रेमवर्क में दी गई छूट लागू रहेगी।

इस व्यवस्था से बड़ी FD कराने वाले ग्राहकों के लिए अलग-अलग ऑफर की तुलना करना आसान होगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

किन ग्राहकों पर पड़ेगा असर?

ये बदलाव मुख्य रूप से शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक में ₹3 करोड़ या उससे अधिक की एक फिक्स्ड या टर्म डिपॉजिट कराने वालों के लिए हैं। इसलिए इनका असर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स, कंपनियों, ट्रस्ट, संस्थानों और दूसरे बड़े डिपॉजिटर्स पर ज्यादा होगा।

₹3 करोड़ से कम की FD वाले सामान्य रिटेल ग्राहकों के लिए ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। सामान्य FD की ब्याज दर बैंक की मौजूदा डिपॉजिट रेट, अवधि, ग्राहक की कैटेगरी और दूसरी लागू शर्तों पर निर्भर करती रहेगी।

पुरानी FD की ब्याज दर बदलेगी?

अगर आपकी FD पहले से चल रही है, तो 1 अक्टूबर से उसकी ब्याज दर अपने आप नहीं बदलेगी। पहले से बुक FD उसी समय तय की गई शर्तों के तहत जारी रहेगी।

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₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की FD रिन्यू कराने वाले ग्राहकों को ट्रांजैक्शन से पहले बैंक की वेबसाइट पर उस दिन की प्रकाशित ब्याज दर चेक करनी चाहिए। यानी नए नियमों का मुख्य बदलाव बल्क FD की ब्याज दरों में ज्यादा पारदर्शिता लाने से जुड़ा है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।