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कुछ मिनटों में मिलने वाला लोन कहीं न बन जाए मुसीबत, अप्लाई करने से पहले पढ़ें ये जरूरी बातें

मोबाइल ऐप से कुछ ही मिनटों में मिलने वाला छोटा लोन अचानक पैसों की जरूरत पूरी कर सकता है, लेकिन इसे लेने से पहले सावधानी जरूरी है। ब्याज, फीस, किस्त और कुल चुकाई जाने वाली रकम की सही जानकारी न होने पर छोटा लोन भी महंगा पड़ सकता है और आपका सिबिल स्कोर खराब कर सकता है।

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In Short

  • छोटी रकम वाले लोन आमतौर पर 1,000 रुपये से 50,000 रुपये तक के होते हैं।
  • लोन लेने से पहले ब्याज, फीस, टैक्स और कुल चुकाई जाने वाली रकम जरूर जांचें।
  • किस्त में देरी होने पर जुर्माना लग सकता है और सिबिल स्कोर भी खराब हो सकता है।

Instant Personal Loan: अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर मोबाइल ऐप से कुछ ही मिनटों में मिलने वाला पर्सनल लोन काफी आसान रास्ता लग सकता है। इलाज का खर्च, पढ़ाई की फीस या कुछ दिनों के लिए पैसों की कमी होने पर लोग ऑनलाइन ऐप और वेबसाइट के जरिए लोन ले रहे हैं। कई कंपनियां कम कागजात में जल्दी लोन देने का दावा करती हैं। लेकिन सिर्फ जल्दी पैसा मिलने के कारण लोन लेना सही फैसला नहीं हो सकता। लोन लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि उसे चुकाना आपके लिए कितना आसान होगा।

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तेजी से बढ़ रहा है छोटी रकम वाले लोन का चलन

आजकल छोटी रकम वाले लोन काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। आमतौर पर ये लोन 1,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक के होते हैं। इन लोन को लेने के लिए ज्यादा कागजात की जरूरत नहीं होती। कंपनियां आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और पुराने लोन के रिकॉर्ड के आधार पर लोन देती हैं।

इन लोन की खास बात यह है कि इसमें घर, जमीन या किसी सामान को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। इसी वजह से कई लोग अचानक जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल करते हैं।

जल्दी लोन मिलने का मतलब सस्ता लोन नहीं

LoansJagat के को-फाउंडर हर्ष ग्रोवर का कहना है कि लोन जल्दी मंजूर हो जाने का मतलब यह नहीं है कि उसे चुकाना भी आसान होगा। कई बार ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मिलने वाला लोन महंगा पड़ सकता है।

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बिना किसी गारंटी के मिलने वाले लोन में जोखिम ज्यादा होता है। ऐसे में ब्याज और दूसरी फीस भी ज्यादा हो सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी मासिक कमाई, खर्च और किस्त भरने की क्षमता जरूर देखें।

ब्याज और फीस की जानकारी जरूर लें

हर कंपनी के लोन की ब्याज दर अलग-अलग हो सकती है। यह ग्राहक के सिबिल स्कोर, पुराने लोन चुकाने के रिकॉर्ड और लोन की अवधि पर निर्भर करती है। अच्छा सिबिल स्कोर होने पर कम ब्याज पर लोन मिलने की संभावना रहती है। हर्ष ग्रोवर के मुताबिक, हाल की तिमाहियों में 79 फीसदी से ज्यादा नए लोन ऐसे ग्राहकों को दिए गए, जिनका सिबिल स्कोर 770 या उससे ज्यादा था। कम स्कोर वाले ग्राहकों को ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है।

इसके अलावा लोन देने वाली कंपनी की फीस भी जरूर जांचें। कई बार कंपनियां लोन की फीस पहले ही काट लेती हैं, जिससे खाते में आने वाली रकम कम हो जाती है।

समय पर किस्त नहीं भरी तो हो सकता है नुकसान

छोटी रकम वाले लोन अक्सर कम समय के लिए दिए जाते हैं। ऐसे में हर महीने की किस्त ज्यादा हो सकती है। अगर किस्त समय पर नहीं भरी गई तो जुर्माना लग सकता है और सिबिल स्कोर भी खराब हो सकता है। खराब सिबिल स्कोर का असर भविष्य में होम लोन, कार लोन या एजुकेशन लोन लेने पर पड़ सकता है।

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जानकारों की सलाह है कि लोन लेने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें। RBI से जुड़े बैंक, NBFC या भरोसेमंद डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म से ही लोन लें। लोन लेने से पहले ब्याज, फीस, किस्त और कुल वापस चुकाई जाने वाली रकम जरूर जांच लें। थोड़ी सावधानी आपको बाद में होने वाली बड़ी परेशानी से बचा सकती है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।