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₹500 की रेल टिकट का असली खर्च कितना? सरकार ने बताया सब्सिडी का पूरा हिसाब

ट्रेन की टिकट पर आप जितने रुपये चुकाते हैं, असल में आपके सफर की लागत उससे कहीं ज्यादा होती है। रेलवे यात्रियों से पूरा खर्च नहीं वसूलता, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा खुद उठाता है। जानिए ₹500 की टिकट के पीछे रेलवे कितना खर्च करता है और इसका पूरा हिसाब क्या है।

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AI Generated Image

In Short

  • रेलवे यात्रियों से सफर की कुल लागत का औसतन करीब 57 फीसदी ही किराए के रूप में वसूलता है।
  • ₹500 की टिकट पर औसत हिसाब से रेलवे करीब ₹377 का खर्च खुद उठा सकता है।
  • वित्त वर्ष 2024-25 में यात्री किराए पर करीब ₹60,239 करोड़ की सब्सिडी दी गई।

Indian Railways: ट्रेन की टिकट बुक करते समय अगर आप ₹500 चुकाते हैं तो जरूरी नहीं कि आपके सफर की पूरी लागत भी ₹500 ही हो। भारतीय रेलवे यात्रियों से यात्रा पर आने वाला पूरा खर्च टिकट के रूप में नहीं वसूलता। सरकार ने लोकसभा में बताया है कि यात्री किराए पर औसतन करीब 43 फीसदी की सब्सिडी दी जाती है। यानी सफर की लागत का एक बड़ा हिस्सा रेलवे खुद उठाता है।

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₹500 की टिकट का क्या है पूरा हिसाब?

रेलवे के मुताबिक, यात्रियों से टिकट के रूप में यात्रा की कुल लागत का करीब 57 फीसदी ही लिया जाता है। बाकी करीब 43 फीसदी खर्च रेलवे की तरफ से वहन किया जाता है।

इसे ₹500 की टिकट के उदाहरण से समझें तो अगर ₹500 को यात्रा की कुल लागत का 57 फीसदी माना जाए, तो उस सफर की वास्तविक लागत करीब ₹877 बैठती है। इसमें यात्री ₹500 देता है, जबकि बाकी करीब ₹377 का खर्च रेलवे उठाता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर ₹500 की टिकट पर रेलवे ठीक ₹377 ही खर्च करता है। यह गणना रेलवे की ओर से बताए गए औसत सब्सिडी के आंकड़े के आधार पर की गई है।

रेलवे ने ऐसे समझाया सब्सिडी का फॉर्मूला

रेलवे ने लोकसभा में दिए अपने जवाब में इस पूरे हिसाब को आसान तरीके से समझाया है। रेलवे के मुताबिक, अगर किसी यात्री को ट्रेन में सफर कराने की लागत ₹100 आती है तो उससे टिकट के रूप में करीब ₹57 लिए जाते हैं। बाकी ₹43 रेलवे की ओर से वहन किए जाते हैं।

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यही फॉर्मूला ₹500 की टिकट पर लगाया जाए तो कुल यात्रा लागत करीब ₹877 आती है। यानी यात्री वास्तविक लागत के मुकाबले कम पैसे देकर ट्रेन में सफर करता है।

एक साल में ₹60,239 करोड़ की सब्सिडी

रेलवे के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान यात्रियों को किराए में करीब ₹60,239 करोड़ की सब्सिडी दी गई। रेलवे ने यह भी बताया कि किराए में मिलने वाली यह राहत सभी यात्रियों को मिलती है। यानी इसका फायदा केवल किसी एक खास वर्ग तक सीमित नहीं है।

रेलवे ने अपने जवाब में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और दूसरी श्रेणियों के यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का भी जिक्र किया है।

हर टिकट पर सब्सिडी एक जैसी नहीं

अगर औसत हिसाब से देखें तो ₹500 की टिकट पर रेलवे की तरफ से करीब ₹377 की लागत उठाए जाने का अनुमान बनता है और सफर की कुल लागत करीब ₹877 हो सकती है। लेकिन यह सिर्फ औसत आंकड़ों को समझाने वाला उदाहरण है। अलग-अलग ट्रेन, रूट, क्लास और टिकट के मामले में वास्तविक खर्च और सब्सिडी की रकम अलग हो सकती है।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।