EPFO कर रहा है बड़ी तैयारी! अब Freelancers, Cab Drivers और Delivery Partners भी जमा कर सकेंगे PF - डिटेल्स
अब नौकरी के बिना भी PF में पैसा जमा कर रिटायरमेंट के लिए फंड बनाया जा सकेगा। EPFO एक नई स्कीम लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे फ्रीलांसर, गिग वर्कर और खुद का काम करने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है। जानिए इसमें पैसा जमा करने और टैक्स छूट से जुड़े क्या नियम हो सकते हैं।

In Short
- ईपीएफओ सेल्फ-एम्प्लॉयड, फ्रीलांसर्स, गिग वर्कर्स और अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के लोगों के लिए यूनिवर्सल पीएफ स्कीम तैयार कर रहा है।
- लोग अपनी कमाई के हिसाब से रोज, हर महीने या साल में एक बार पैसा जमा कर सकेंगे और सालाना 2.5 लाख रुपये तक के कॉन्ट्रिब्यूशन पर टैक्स छूट मिल सकती है।
- इस स्कीम में सरकार कोई पैसा जमा नहीं करेगी और इसे लागू करने से पहले फाइनल अप्रूवल मिलना बाकी है।
EPFO: नौकरी करने वालों के लिए PF यानी प्रोविडेंट फंड लंबे समय की बचत का सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। हर महीने सैलरी का एक हिस्सा PF खाते में जमा होता है, जो रिटायरमेंट या जरूरत पड़ने पर काम आता है। लेकिन फ्रीलांसर, गिग वर्कर, छोटे दुकानदार और अपना कारोबार करने वाले लोग अब तक इस सुविधा का आसानी से लाभ नहीं ले पाते थे। अब EPFO एक नया Universal Provident Fund (UPF) प्लान लाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत ऐसे लोग भी अपनी कमाई के हिसाब से खुद PF खाते में पैसा जमा कर सकेंगे और भविष्य के लिए बचत कर पाएंगे।
चलिए जानते हैं इस स्कीम में कौन-कौन शामिल हो सकता है, पैसा कब और कैसे जमा किया जा सकेगा, टैक्स में कितनी छूट मिल सकती है और सरकार की तरफ से कोई पैसा मिलेगा या नहीं?
किन लोगों को मिल सकता है फायदा?
अभी EPF का फायदा ज्यादातर उन कर्मचारियों को मिलता है, जो 20 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में काम करते हैं। नई स्कीम में सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स, कंसल्टेंट्स, डिलीवरी पार्टनर्स, कैब ड्राइवर्स, अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के वर्कर्स और एग्जेम्प्टेड एस्टैब्लिशमेंट्स में काम करने वाले लोगों को शामिल किया जा सकता है।
ये लोग अपनी मर्जी से पीएफ अकाउंट खोलकर रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा कर सकेंगे। लेकिन सवाल है कि ये लोग अपनी कमाई के हिसाब से पीएफ में पैसा कब और कितनी बार जमा कर पाएंगे?
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कमाई के हिसाब से जमा कर सकेंगे पैसा
अभी ईपीएफ सिस्टम में कर्मचारी और एम्प्लॉयर हर महीने एक तय रकम जमा करते हैं। नई स्कीम में कॉन्ट्रिब्यूशन को ज्यादा फ्लेक्सिबल रखा जा सकता है। लोग अपनी कमाई और सुविधा के हिसाब से रोज, हर महीने या साल में एक बार भी पैसा जमा कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के काम आएगी, जिनकी कमाई हर महीने एक जैसी नहीं रहती। लेकिन इस स्कीम में पैसा जमा करने पर टैक्स में कितनी छूट मिल सकती है?
सालाना 2.5 लाख रुपये तक tax छूट
रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कीम में एक साल में 2.5 लाख रुपये तक जमा किए गए कॉन्ट्रिब्यूशन पर पूरी टैक्स छूट मिल सकती है। इस रकम पर मिलने वाला इंटरेस्ट भी मौजूदा ईपीएफ नियमों की तरह टैक्स-फ्री रह सकता है। इससे लोग टैक्स बचाने के साथ रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड भी तैयार कर सकेंगे। लेकिन क्या इस फंड में सरकार भी अपनी तरफ से कोई पैसा जमा करेगी?
सरकार नहीं देगी कोई पैसा
यह स्कीम पूरी तरह सब्सक्राइबर के अपने कॉन्ट्रिब्यूशन से चलेगी। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की तरह इसमें केंद्र सरकार आधा कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं देगी। यानी व्यक्ति अपने पीएफ अकाउंट में जितना पैसा जमा करेगा, उसी रकम और उस पर मिलने वाले इंटरेस्ट से उसका रिटायरमेंट फंड तैयार होगा। लेकिन इस स्कीम को शुरू करने के लिए ईपीएफओ ने आईटी सिस्टम पर क्या काम शुरू किया है?
स्कीम शुरू करने की तैयारी जारी
सरकार ने अभी इस स्कीम को फाइनल अप्रूवल नहीं दिया है, लेकिन ईपीएफओ ने इसके लिए जरूरी आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का टेंडर जारी कर दिया है। यह स्कीम नए लेबर कोड्स से भी जुड़ी है, जिनमें फूड डिलीवरी और टैक्सी एग्रीगेटर जैसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अपने वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा गया है। ईपीएफओ अभी दूसरे देशों के सोशल सिक्योरिटी मॉडल्स को भी देख रहा है। सभी नियम तय होने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही इसे शुरू किया जाएगा। अगर यह स्कीम लागू होती है, तो करोड़ों सेल्फ-एम्प्लॉयड, गिग और अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के वर्कर्स को ईपीएफओ के जरिए रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा करने का एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म मिल सकता है।

