EPF या Stock Market? रिटायरमेंट के लिए कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद
रिटायरमेंट के लिए EPF और शेयर बाजार दोनों ही निवेश के ऑप्शन हैं लेकिन दोनों का जोखिम और काम करने का तरीका अलग है। EPFO के मुताबिक EPF नियमित बचत और सामाजिक सुरक्षा देता है जबकि शेयर बाजार में रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और जोखिम भी ज्यादा होता है।

In Short
- EPF में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है जबकि शेयर बाजार में निवेश खुद करना होता है।
- EPF में सरकार की ओर से घोषित ब्याज मिलता है जबकि शेयर बाजार का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
- EPF में पेंशन और बीमा जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलते हैं जबकि शेयर बाजार में ऐसे लाभ नहीं होते।
EPF vs Share Market: कई सैलरीड लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि रिटायरमेंट के लिए पैसे EPF में रहने दें या शेयर बाजार में निवेश करें। दोनों से पैसा बढ़ाने में मदद मिल सकती है, लेकिन दोनों का तरीका और जोखिम अलग है। EPF को रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड बनाने का जरिया माना जाता है, जबकि शेयर बाजार में रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
EPF में बचत करना क्यों जरूरी?
EPFO ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर EPF और शेयर बाजार के अंतर को बताया है। जिन संस्थानों पर EPF एक्ट लागू होता है और जहां 15,000 रुपये की सैलरी सीमा लागू है, वहां कर्मचारियों के लिए EPF अकाउंट होना जरूरी है।
EPF से पैसा तय उद्देश्यों के लिए ही निकाला जा सकता है। वहीं शेयर बाजार में निवेश करना पूरी तरह निवेशक की इच्छा पर निर्भर करता है और निवेशक अपनी जरूरत के मुताबिक रकम निकाल सकता है।
EPF में कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान
EPF की एक खास बात यह है कि इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं। यानी कर्मचारी के योगदान के साथ कंपनी की ओर से भी तय योगदान मिलता है।
इसके उलट शेयर बाजार में निवेश पूरी तरह निवेशक के अपने पैसे से होता है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले को नियोक्ता की तरफ से कोई अनिवार्य अतिरिक्त योगदान नहीं मिलता।
कौन-सा ऑप्शन ज्यादा स्थिर?
EPF में हर महीने योगदान करना जरूरी होता है। इससे कर्मचारियों के लिए नियमित बचत की आदत बनती है। EPFO के मुताबिक EPF खाताधारकों को सरकार की ओर से घोषित ब्याज दर के आधार पर ब्याज मिलता है।
वहीं शेयर बाजार में ज्यादा रिटर्न की संभावना हो सकती है, लेकिन इसमें जोखिम भी ज्यादा है। इसका रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
EPF में टैक्स और पेंशन का फायदा
EPFO के मुताबिक EPF में योगदान, ब्याज और निकासी टैक्स फ्री है। वहीं शेयर बेचकर मुनाफा कमाने पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है।
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EPF से जुड़े कर्मचारियों को पेंशन और बीमा से जुड़े फायदे भी मिलते हैं। पात्र कर्मचारी EPS के तहत पेंशन का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा EDLI के तहत लागू नियमों के मुताबिक बीमा लाभ भी मिलता है।
रिटायरमेंट के लिए कितना स्थिर है EPF?
EPFO का संचालन और नियमन केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है। EPF लंबे समय में स्थिर और सुरक्षित फंड तैयार करने पर केंद्रित है। दूसरी ओर शेयर बाजार में रिटर्न तय नहीं होता और इसमें बाजार का जोखिम बना रहता है।
दोनों का उद्देश्य अलग
EPFO के अनुसार EPF का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा और भविष्य के लिए वित्तीय स्थिरता देना है। वहीं शेयर बाजार में निवेश जोखिम लेने की क्षमता पर आधारित होता है। ऐसे में दोनों विकल्पों के बीच अंतर उनके रिटर्न से ज्यादा उनके उद्देश्य और जोखिम के स्तर में है।

